Election Observer 2026: राजस्थान के IAS-IPS संभालेंगे दूसरे राज्यों में चुनाव की कमान, बंगाल से तमिलनाडु तक सुपरविजन की तैयारी
News India Live, Digital Desk: देश के पांच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections 2026) को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने कमर कस ली है। इस चुनावी महाकुंभ में राजस्थान कैडर के आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों की बड़ी भूमिका होने वाली है। आयोग ने राजस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में 'इलेक्शन ऑब्जर्वर' (चुनाव पर्यवेक्षक) के रूप में तैनात करने का फैसला किया है।
राजस्थान कैडर के अधिकारियों पर भरोसा: क्या है पूरी योजना?
निर्वाचन आयोग ने राजस्थान सरकार के कार्मिक विभाग (DOP) को पत्र लिखकर अधिकारियों की सूची और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
IAS अधिकारी: इन्हें मुख्य रूप से 'जनरल ऑब्जर्वर' (General Observer) के रूप में तैनात किया जाएगा, जो चुनावी खर्च, कानून-व्यवस्था और मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे।
IPS अधिकारी: इन्हें 'पुलिस ऑब्जर्वर' (Police Observer) की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनका काम सुरक्षा बलों की तैनाती और संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करना होगा।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनौतीपूर्ण ड्यूटी
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान के अधिकारियों को विशेष रूप से उन राज्यों में भेजा जा रहा है जहाँ चुनावी मुकाबला काफी कड़ा और संवेदनशील माना जाता है।
पश्चिम बंगाल: यहाँ की भौगोलिक स्थिति और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए अनुभवी आईपीएस अधिकारियों को सुरक्षा पर्यवेक्षक बनाया जा सकता है।
दक्षिण भारत: तमिलनाडु और पुडुचेरी जैसे राज्यों में राजस्थान के युवा और तेजतर्रार आईएएस अधिकारियों को चुनावी खर्च (Expenditure Observer) पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी मिल सकती है।
राजस्थान के प्रशासनिक कामकाज पर क्या पड़ेगा असर?
एक साथ बड़ी संख्या में अधिकारियों के दूसरे राज्यों में चुनावी ड्यूटी पर जाने से राजस्थान के सचिवालय और जिलों के प्रशासनिक कामकाज पर असर पड़ना तय है।
अतिरिक्त कार्यभार: जो अधिकारी राजस्थान में रहेंगे, उन्हें अपने वर्तमान विभाग के साथ-साथ चुनावी ड्यूटी पर गए साथियों के विभागों का अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) संभालना होगा।
प्रोजेक्ट्स की रफ्तार: मार्च-अप्रैल का समय वित्तीय वर्ष की समाप्ति का होता है, ऐसे में अधिकारियों की कमी से कुछ सरकारी योजनाओं की समीक्षा और बजट आवंटन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है।
2026 चुनाव: इन राज्यों में तैनात होंगे ऑब्जर्वर
निर्वाचन आयोग के रोटेशन प्लान के तहत राजस्थान के अधिकारियों को निम्नलिखित क्षेत्रों में भेजा जा सकता है:
पश्चिम बंगाल: कानून-व्यवस्था और मतदान प्रक्रिया की निगरानी।
तमिलनाडु और केरल: चुनावी व्यय और आदर्श आचार संहिता का पालन।
असम: दूरदराज के इलाकों में मतदान की सुगमता सुनिश्चित करना।