छत्तीसगढ़ की कंटेंट क्रिएटर को खौफनाक धमकी अपहरण और गैंगरेप की दी चेतावनी, सदमे में युवती
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं। राज्य की एक उभरती हुई महिला कंटेंट क्रिएटर को अज्ञात बदमाशों द्वारा सोशल मीडिया के जरिए अपहरण और गैंगरेप (सामूहिक दुष्कर्म) की खौफनाक धमकी दी गई है। इस घटना के बाद पीड़िता गहरे सदमे में है और उसने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आईटी एक्ट (IT Act) और संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए हैं।
कमेंट सेक्शन और डीएम में दी गई घिनौनी धमकियां
जानकारी के मुताबिक, पीड़िता पिछले कुछ समय से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय है और अपनी वीडियो सामग्री के जरिए काफी लोकप्रिय हो चुकी है। शिकायत में बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ अज्ञात प्रोफाइल से उसके वीडियो के कमेंट सेक्शन और डायरेक्ट मैसेज (DM) में बेहद आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही थीं। बात तब और बिगड़ गई जब आरोपी ने उसे घर से उठाने और सामूहिक दुष्कर्म करने की सीधी धमकी दे डाली। धमकी देने वाले ने युवती के निजी जीवन और उसके ठिकानों के बारे में भी जानकारी होने का दावा किया है।
साइबर सेल ने खंगाली डिजिटल फुटप्रिंट्स, आरोपियों की तलाश तेज
छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर विंग ने मामले को प्राथमिकता पर लेते हुए उन सोशल मीडिया हैंडल्स की जांच शुरू कर दी है, जिनसे ये धमकियां भेजी गई थीं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ये 'फेक आईडी' (Fake IDs) लग रही हैं, जिन्हें विशेष रूप से युवती को मानसिक प्रताड़ना देने के लिए बनाया गया था। पुलिस अब आईपी एड्रेस (IP Address) और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपी तक पहुँचने की कोशिश कर रही है। पुलिस का कहना है कि डिजिटल स्पेस में महिलाओं की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
कंटेंट क्रिएटर्स की सुरक्षा को लेकर उठने लगे सवाल
इस घटना ने छत्तीसगढ़ के कंटेंट क्रिएटर समुदाय में डर पैदा कर दिया है। कई अन्य महिला इन्फ्लुएंसर्स ने भी ऑनलाइन ट्रोलिंग और उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जैसे-जैसे राज्य में डिजिटल इकोनॉमी बढ़ रही है, वैसे-वैसे साइबर अपराधों और ऑनलाइन 'स्टॉकिंग' की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि ऐसे मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए और फास्ट ट्रैक मोड में जांच पूरी कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। फिलहाल, पीड़िता के घर के आसपास गश्त बढ़ा दी गई है और पुलिस तकनीकी सुरागों के आधार पर छापेमारी कर रही है।