कांकेर जिले में झाड़फूंक की आड़ मेंवान बना दरिंदा, पुलिस ने किया गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन समय-समय पर यहां से ऐसी घटनाएं भी सामने आती हैं जो समाज के काले पहलुओं को बेनकाब कर देती हैं। ताजा मामला जिले के एक ग्रामीण या नजदीकी थाना क्षेत्र का है, जहां तांत्रिक क्रियाओं और झाड़फूंक का सहारा लेकर भोले-भाले ग्रामीणों को बेवकूफ बनाने का खेल चल रहा था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से इलाके में झाड़फूंक और ओझा-गुणी का काम कर रहा था। लोग अपनी पारिवारिक या शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास जाते थे। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी हवस का शिकार मासूम को बनाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक और स्थानीय थाने की टीम ने तुरंत एक्शन लिया और नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
क्या है पूरा मामला? परिजनों ने बयां की खौफनाक दास्तान
इस खौफनाक घटना की तह तक जाने पर जो तथ्य सामने आए हैं, वे किसी की भी रूह कंपा देने के लिए काफी हैं। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बच्ची कुछ समय से अस्वस्थ चल रही थी या परिवार में कुछ समस्याएं थीं। स्थानीय स्तर पर जब तमाम इलाज के बाद भी राहत नहीं मिली, तो किसी के जरिए उनका संपर्क इस कथित तांत्रिक से हुआ। आरोपी ने परिवार को विश्वास दिलाया कि वह अपनी झाड़फूंक और तंत्र-मंत्र से सारी समस्याओं को चुटकियों में दूर कर देगा। परिवार उसकी बातों में आ गया और अपनी बच्ची को उसके पास ले जाने लगा। एक दिन मौका पाकर तांत्रिक ने झाड़फूंक के बहाने बच्ची को किसी तरह बेहोश कर दिया और फिर उसके साथ घिनौना कृत्य किया। जब बच्ची ने होश में आने के बाद पूरी आपबीती अपने परिजनों को बताई, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और वे सदमे में डूब गए।
अंधविश्वास का काला सच और कानून का शिकंजा
यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि आज के आधुनिक और वैज्ञानिक युग में भी किस तरह देश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में अंधविश्वास और तांत्रिकों का जाल फैला हुआ है। लोग अनजाने में इन ठगों और दरिंदों के जाल में फंस जाते हैं जो भगवान और आस्था की आड़ में मासूमों की जिंदगी से खेलते हैं। इस मामले में कांकेर पुलिस ने अत्यंत संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए तुरंत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस तांत्रिक ने पहले भी इस तरह की किसी अन्य घटना को अंजाम दिया है या नहीं।
समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी और सतर्क रहने की जरूरत
इस दर्दनाक और आंखें खोल देने वाली घटना के बाद से समाज के बुद्धिजीवियों और प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से यह अपील की जा रही है कि लोग किसी भी प्रकार के अंधविश्वास, झाड़फूंक या ओझा-गुणी के चक्कर में न आएं। किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक बीमारी होने पर हमेशा योग्य डॉक्टरों और चिकित्सा संस्थानों का ही रुख करना चाहिए। तांत्रिकों और पाखंडियों का मुख्य उद्देश्य केवल भोले-भाले लोगों को ठगना और उनका शोषण करना होता है। इस तरह के अपराधियों के खिलाफ समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम की जिंदगी इस तरह बर्बाद न हो सके।
पुलिस प्रशासन की अपील और त्वरित न्याय का भरोसा
घटना के बाद से कांकेर क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है और वे आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने जनता से संयम बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए इस केस की पैरवी करने की तैयारी कर रही है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। इस प्रकार की घटनाएं हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि समाज से कुरीतियों और अंधविश्वास के इस अंधेरे को मिटाने के लिए अभी भी लंबी लड़ाई लड़नी बाकी है।