धमतरी सड़क हादसे में बिस्तर पर पड़ी 10 साल की जिंदगी, मुख्यमंत्री के एक फोन कॉल ने जगाई मदद और इलाज की नई उम्मीद
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसा मार्मिक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने संवेदनाओं के हर उस दरवाजे को खटखटाया है जहां उम्मीद की किरणें दम तोड़ने लगती हैं। एक भीषण सड़क हादसे के बाद पिछले पूरे दस साल से बिस्तर पर बेबस जिंदगी गुजारने को मजबूर एक युवा बेटे और उसके परिवार की दास्तान ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल एक हंसते-खेते परिवार की खुशियों को लील लिया, बल्कि जवान बेटे को चारपाई पर ऐसा लाचार कर दिया कि उसका उठना-बैठना तो दूर, अपने दैनिक कार्यों के लिए भी दूसरों पर निर्भर रहना उसकी रोजमर्रा की मजबूरी बन गई। इस दयनीय स्थिति के बीच जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने खुद आगे बढ़कर पीड़ित परिवार से फोन पर सीधी बातचीत की और उस लाचार बेटे का हाल-चाल जाना, तो इस साधारण से दिखने वाले फोन कॉल ने अचानक उस परिवार के बुझते दीप में उम्मीद की एक तेज रोशनी जला दी।
#धमतरी के इस भीषण हादसे ने छीन ली थी परिवार की खुशियां
यह पूरी कहानी छत्तीसगढ़ के धमतरी अंचल की है, जहां एक दशक पहले हुए सड़क हादसे ने एक युवा के सुनहरे भविष्य को पूरी तरह से मलबे में तब्दील कर दिया था। दुर्घटना इतनी भयानक थी कि पीड़ित युवक की रीढ़ की हड्डी और शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग गंभीर रूप से प्रभावित हो गए, जिसके चलते वह तब से लेकर आज तक पलंग पर ही लेटे रहने को अभप्त है। घर की आर्थिक स्थिति पहले से ही बेहद कमजोर थी और ऊपर से बेटे के लंबे और खर्चीले इलाज ने परिवार की कमर पूरी तरह से तोड़कर रख दी थी। माता-पिता ने अपनी जिंदगी की सारी जमापूंजी और उधार-पैसे उस बेटे के इलाज में झोंक दिए, लेकिन वक्त के साथ हालात सुधरने के बजाय बदतर होते चले गए। पिछले दस लंबे वर्षों से बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे इस बेटे की सुध लेने वाला कोई रसूखदार या बड़ा अधिकारी जब सीधे तौर पर सामने नहीं आया, तो परिवार की उम्मीदें टूटने लगी थीं।
#मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का फोन कॉल बना पीड़ित परिवार के लिए वरदान
इस दिल दहला देने वाले मामले की भनक जब छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तक पहुँची, तो उन्होंने बिना किसी प्रशासनिक औपचारिकता या देरी के तुरंत खुद फोन उठाकर उस लाचार बेटे और उसके परिजनों से बात की। मुख्यमंत्री ने बेहद आत्मीयता के साथ पीड़ित युवक से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उसे ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकार उसके साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। सीएम साय ने फोन पर ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों को यह सख्त निर्देश दिए कि इस पीड़ित परिवार को तुरंत प्रभाव से हरसंभव चिकित्सीय सहायता और वित्तीय मदद पहुंचाई जाए। मुख्यमंत्री का यह फोन कॉल सिर्फ एक सरकारी औपचारिकता नहीं था, बल्कि उस मां के लिए किसी वरदान से कम नहीं था जो पिछले दस साल से अपने सुपुत्र को हर दिन तड़पते हुए देखने का असहनीय दर्द झेल रही थी।
#दस साल की लाचारी के बाद अब बेहतर इलाज की जगी प्रबल उम्मीद
मुख्यमंत्री की इस त्वरित और संवेदनशील पहल के बाद धमतरी जिले के प्रशासनिक गलियारों में भी हरकत तेज हो गई है और स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत पीड़ित के घर का रुख किया है। प्रशासन अब इस बात की रूपरेखा तैयार कर रहा है कि उस युवक को राज्य के किसी बड़े और उच्च स्तरीय अस्पताल में भर्ती कराया जाए ताकि आधुनिक चिकित्सा तकनीक के जरिए उसका बेहतर इलाज संभव हो सके। दस साल तक उपेक्षा का शिकार रहे इस परिवार के दरवाजे पर जब सरकार खुद चलकर मदद का हाथ बढ़ाने आई है, तो आसपास के इलाकों में भी इस मानवीय पहल की जमकर सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि यदि इसी प्रकार हर पीड़ित और असहाय व्यक्ति तक शासन की योजनाएं और जनप्रनिधियों की संवेदनाएं समय पर पहुँचने लगें, तो समाज के सबसे निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आने से कोई नहीं रोक सकता है।