जेडी वेंस की रैली में हंगामा, प्रदर्शनकारी को दिया मेक्सिको जाने का ऑफर
दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश संयुक्त राज्य अमेरिका की राजनीति में इन दिनों चुनावी पारा सातवें आसमान पर है। अमेरिका में आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर चल रही सियासी गहमागहमी के बीच एक ऐसा वाकया सामने आया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय मीडिया और राजनीतिक गलियारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक चुनावी रैली को संबोधित करने के दौरान उस वक्त गुस्से से भड़क उठे, जब भीड़ के बीच से एक प्रदर्शनकारी ने अचानक व्यवधान पैदा करना शुरू कर दिया। डलास शहर में रिपब्लिकन पार्टी के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी रैली में बोलते हुए जेडी वेंस देश के भविष्य, अर्थव्यवस्था और नीतियों पर अपनी बात रख रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने मेक्सिको और फिलिस्तीन के झंडे हवा में लहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस अप्रत्याशित और तीखी परिस्थिति में अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने अपना आपा खोने के बजाय बेहद तंज भरे और कड़े अंदाज में उस प्रदर्शनकारी को लताड़ लगाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका में आव्रजन, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक असहिष्णुता के मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला खड़ा कर दिया है, जिस पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
डलास की रैली में फिलिस्तीनी और मेक्सिकन झंडों के साथ हुआ जमकर हंगामा
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डलास में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल चुनावी सभा में रिपब्लिकन पार्टी के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) अभियान को धार देने के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंचे थे। वह अमेरिका के आर्थिक भविष्य, मजबूत सीमाओं और राष्ट्रीय अस्मिता पर अपने विचार रख रहे थे, तभी दर्शक दीर्घा में मौजूद एक उपद्रवी प्रदर्शनकारी ने खलल डालना शुरू कर दिया। उस प्रदर्शनकारी ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाते हुए चिल्लाना शुरू किया कि 'जोर से कहो, खुलकर कहो, डोनाल्ड ट्रंप का यहां स्वागत नहीं है।' इसके साथ ही उसने अपने हाथों में मेक्सिको और फिलिस्तीन के झंडे थाम रखे थे, जिन्हें वह लगातार लहरा रहा था। अमेरिकी राजनीतिक परिदृश्य में इस तरह के प्रदर्शन अक्सर ध्रुवीकरण को बढ़ाते हैं, और इस बार भी स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, मौके की नजाकत को भांपते हुए सुरक्षा बलों और पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाई और उस प्रदर्शनकारी को धर दबोचा। पुलिस ने उसे आयोजन स्थल से घसीटते हुए बाहर का रास्ता दिखाया, लेकिन इस पूरी कार्रवाई के दौरान जो जुबानी जंग उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उस प्रदर्शनकारी के बीच हुई, उसने वहां मौजूद हजारों समर्थकों का पूरा ध्यान खींच लिया और रैली का माहौल पूरी तरह से गरमा गया।
'मेक्सिको इतना ही पसंद है, तो वहीं चले जाओ, टिकट मैं खरीद दूंगा' - जेडी वेंस
जब सुरक्षाकर्मी उस प्रदर्शनकारी को बाहर निकाल रहे थे, तो मंच से माइक पर बोल रहे जेडी वेंस ने तंज कसते हुए उसे सीधे तौर पर संबोधित किया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने बेहद आक्रामक और व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, "मेरे दोस्त, अगर तुम्हें मेक्सिको इतना ही पसंद है, तो तुम्हें वहीं चले जाना चाहिए। मैं व्यक्तिगत रूप से तुम्हारे लिए हवाई जहाज का टिकट खरीद दूंगा।" वेंस के मुंह से यह तीखा और दो टूक बयान निकलते ही डलास की उस विशाल रैली में मौजूद हजारों समर्थकों ने तालियां बजाकर और शोर मचाकर उनका जोरदार समर्थन किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडी वेंस का यह अंदाज अमेरिकी मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को बहुत पसंद आता है, जो अपनी सीमाओं की रक्षा और राष्ट्रीयता के मुद्दों पर बेहद सख्त रुख रखते हैं। रिपब्लिकन पार्टी के भीतर वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने वाले जेडी वेंस को भविष्य में ट्रंप का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है, और उनका यह आक्रामक तेवर पार्टी के कट्टर समर्थकों में एक नया जोश भर देता है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिकी राजनीति में वैचारिक मतभेद अब किस हद तक तीखे होते जा रहे हैं, जहां चुनाव प्रचार के दौरान इस तरह की नाटकीय घटनाएं आम बात बन गई हैं।
मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए अमेरिकी जनता से जोरदार अपील
विवाद और हंगामे के इस वाकया के बाद जेडी वेंस ने अपने भाषण का रुख वापस देश के गंभीर मुद्दों और आगामी मिडटर्म चुनावों की ओर मोड़ा। उन्होंने वहां मौजूद अमेरिकी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस साल नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में भारी संख्या में बाहर निकलें और रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में मतदान करें। वेंस ने देश की महान विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने उन्हें यह देश एक विरासत के रूप में सौंपा है, और इससे पहले उनके पुरखों ने इसे सहेज कर रखा था। हमें अपनी राष्ट्रीय नागरिकता का यह अधिकार विरासत में मिला है, जिसकी रक्षा के लिए हमें एकजुट होकर लड़ना होगा। इस वैचारिक लड़ाई को जीतने और अमेरिका को आर्थिक रूप से फिर से पटरी पर लाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी को जिताना बेहद जरूरी है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पूरी पार्टी की शुरुआत से ही अमेरिका की 'बर्थराइट सिटीजनशिप' यानी जन्म के आधार पर नागरिकता मिलने के नियमों के खिलाफ बेहद सख्त राय रही है। रिपब्लिकन नेताओं का यह दावा रहा है कि विदेशी लोग जानबूझकर अमेरिका में आकर अपने बच्चों को जन्म देते हैं, जिससे उनके बच्चों को स्वतः ही अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है, और इस नीति का देश की डेमोग्राफी तथा अर्थव्यवस्था पर गलत असर पड़ता है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा चुनावी दांव: रिपब्लिकन पार्टी की जीत पर हर वयस्क को मिलेंगे 5000 डॉलर
डलास की इसी बहुचर्चित चुनावी रैली के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा आर्थिक ऐलान भी किया, जिसने अमेरिकी नागरिकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। ट्रंप ने वादा किया कि यदि आगामी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को पूर्ण बहुमत और जीत हासिल होती है, तो उनकी सरकार देश के प्रत्येक वयस्क नागरिक को 5000 अमेरिकी डॉलर की नकद राशि प्रदान करेगी। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि उनके प्रशासन द्वारा हाल ही में लिए गए कड़े और साहसिक व्यापारिक फैसलों की बदौलत अमेरिकी खजाने और अर्थव्यवस्था को भारी मुनाफा हुआ है। इसी मुनाफे के एक हिस्से को सीधे तौर पर देश के आम नागरिकों के बीच साझा करने के लिए यह योजना बनाई गई है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह 5000 डॉलर वाला मास्टरस्ट्रोक मिडटर्म चुनावों के समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकता है, क्योंकि मुद्रास्फीति और आर्थिक दबाव से जूझ रहे आम अमेरिकी मतदाताओं के लिए यह एक बहुत बड़ा प्रलोभन साबित हो सकता है। एक तरफ जहां जेडी वेंस रैलियों में राष्ट्रवाद, सीमा सुरक्षा और आव्रजन नीतियों पर कड़े प्रहार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप का यह आर्थिक पैकेज रिपब्लिकन पार्टी की जीत की संभावनाओं को और अधिक मजबूत करता दिखाई दे रहा है, जिससे अमेरिका का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म है।