Chhattisgarh : गरियाबंद में बवाल मूर्ति विसर्जन विवाद के गवाह पर जानलेवा हमला भड़के ग्रामीणों का प्रदर्शन
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के फिंगेश्वर क्षेत्र में एक बार फिर सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बन गई है। कुछ समय पहले हुई मूर्ति तोड़फोड़ की घटना के एक मुख्य गवाह पर अज्ञात बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है।
विवाद की जड़: क्या है पूरा मामला?
इस तनाव के पीछे एक पुरानी घटना बताई जा रही है:
मूर्ति तोड़फोड़: कुछ समय पहले इलाके में एक धार्मिक मूर्ति को खंडित किए जाने की घटना हुई थी, जिसे लेकर पहले भी काफी विवाद हुआ था।
गवाह को निशाना: पीड़ित व्यक्ति इस मामले में पुलिस का मुख्य गवाह था। आरोप है कि गवाही न देने का दबाव बनाने या बदला लेने की नीयत से उस पर घात लगाकर हमला किया गया।
हमले का तरीका: हमलावरों ने गवाह पर उस समय हमला किया जब वह अपने काम से लौट रहा था। हमले में उसे गंभीर चोटें आई हैं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ग्रामीणों का आक्रोश और प्रदर्शन
हमले की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण फिंगेश्वर थाने के सामने जमा हो गए।
नारेबाजी: ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि गवाहों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी जा रही है।
बाजार बंद: तनाव को देखते हुए स्थानीय व्यापारियों ने स्वेच्छा से दुकानें बंद रखीं।
आरोपियों की पहचान: ग्रामीणों का दावा है कि हमलावर उसी गुट के सदस्य हैं जो मूर्ति तोड़फोड़ की घटना में शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई: छावनी बना इलाका
गरियाबंद एसपी के निर्देश पर फिंगेश्वर और आसपास के थानों की पुलिस टीम मौके पर तैनात है।
फ्लैग मार्च: शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने प्रभावित इलाकों में फ्लैग मार्च किया है।
संदिग्धों की धरपकड़: पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों पर रोक: पुलिस ने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों को चेतावनी दी है और शांति बनाए रखने की अपील की है।