Chhattisgarh Liquor Scam : सौम्या चौरसिया को बड़ी राहत हाई कोर्ट ने ED और EOW दोनों मामलों में दी जमानत

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News India Live, Digital Desk:  छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में 'सुपर सीएम' के नाम से चर्चित रहीं पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया के लिए राहत भरी खबर आई है। शराब घोटाला और कोयला लेवी (Coal Levy) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में फंसी सौम्या को बिलासपुर हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है। वह दिसंबर 2022 से रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद थीं।

1. ED और EOW दोनों केस में मिली बेल

सौम्या चौरसिया के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अलग-अलग मामले दर्ज किए थे।

लंबी कानूनी लड़ाई: इससे पहले निचली अदालतों और सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी जमानत याचिकाएं कई बार खारिज हो चुकी थीं।

हाई कोर्ट का तर्क: बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि वे लंबे समय से जेल में हैं और जांच लगभग पूरी हो चुकी है, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें सशर्त जमानत प्रदान की।

2. क्या है पूरा शराब घोटाला मामला?

छत्तीसगढ़ में 2019 से 2022 के बीच हुए इस कथित घोटाले में करीब 2000 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप है।

सिंडिकेट का आरोप: जांच एजेंसियों का दावा है कि राज्य में शराब की अवैध बिक्री और कमीशन के लिए एक सिंडिकेट बनाया गया था, जिसमें उच्च पदस्थ अधिकारी और राजनेता शामिल थे।

सौम्या की भूमिका: ED के अनुसार, सौम्या चौरसिया इस सिंडिकेट को प्रशासनिक संरक्षण दे रही थीं और अवैध वसूली के पैसों के प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका थी।

3. जमानत की कड़ी शर्तें

भले ही हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है, लेकिन सौम्या चौरसिया को कुछ सख्त नियमों का पालन करना होगा:

पासपोर्ट जमा: उन्हें अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा करना होगा और बिना अनुमति विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगी।

जांच में सहयोग: उन्हें हर पेशी पर उपस्थित होना होगा और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है।

शहर छोड़ने पर रोक: बिना कोर्ट को सूचित किए वे शहर से बाहर नहीं जा सकेंगी।

सियासी हलचल तेज

सौम्या चौरसिया की रिहाई की खबर के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस इसे न्याय की जीत बता रही है, जबकि सत्ताधारी भाजपा का कहना है कि जमानत मिलना दोषमुक्ति (Acquittal) नहीं है और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।