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April 13 2026 06:41 pm

Chhattisgarh Encounter : कांकेर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, मुठभेड़ में महिला एरिया कमांडर रुपी ढेर

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान 'ऑपरेशन क्लीन' को एक और बड़ी सफलता मिली है। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा इलाके में हुई एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन की एरिया कमांडर रुपी को मार गिराया है। रुपी पर शासन ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। वह पिछले कई वर्षों से कांकेर और नारायणपुर के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थी और कई बड़ी वारदातों में शामिल रही थी।

कोयलीबेड़ा के जंगलों में हुई आमने-सामने की भिड़ंत

पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि कोयलीबेड़ा के घने जंगलों में नक्सलियों का एक बड़ा दस्ता किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जुटा है। सूचना मिलते ही डीआरजी (DRG), बीएसएफ (BSF) और जिला पुलिस बल की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी शुरू की। खुद को घिरा देख नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें महिला कमांडर रुपी ढेर हो गई।

5 लाख की इनामी और आतंक का पर्याय थी रुपी

मारी गई महिला नक्सली रुपी, उत्तर बस्तर डिवीजन की सक्रिय सदस्य थी। उस पर पुलिस पार्टी पर हमला करने, आईईडी (IED) ब्लास्ट करने और ग्रामीणों को डराने-धमकने के दर्जनों मामले दर्ज थे। सुरक्षा एजेंसियों के लिए रुपी का मारा जाना एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत मानी जा रही है, क्योंकि वह इलाके में नक्सलियों के इंटेलिजेंस नेटवर्क और भर्ती अभियान की कमान संभाल रही थी।

मौके से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद

मुठभेड़ खत्म होने के बाद जब इलाके की तलाशी ली गई, तो रुपी के शव के साथ एक आधुनिक हथियार (INSAS राइफल), भारी मात्रा में विस्फोटक, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग का सामान बरामद किया गया। पुलिस को अंदेशा है कि मुठभेड़ के दौरान कुछ अन्य नक्सली घायल हुए हैं, जो घने जंगलों की आड़ लेकर भागने में सफल रहे। इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है।

बस्तर में नक्सलियों के पैर उखड़े

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि सुरक्षाबल लगातार नक्सलियों के गढ़ में घुसकर प्रहार कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े कैडर्स के मारे जाने या सरेंडर करने से नक्सली संगठन कमजोर हुआ है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों, अन्यथा उनके खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।