Chhattisgarh Census 2027: छत्तीसगढ़ में जनगणना का बिगुल बजा, मई से शुरू होगा पहला चरण
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित राष्ट्रीय जनगणना 2027 की प्रक्रिया को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार और जनगणना निदेशालय के निर्देशों के अनुसार, प्रदेश में जनगणना का पहला चरण मई 2026 से शुरू होने जा रहा है। इस चरण में मुख्य रूप से मकानों की सूची तैयार करने (House Listing) और उनके पंजीकरण का कार्य किया जाएगा। डिजिटल युग की ओर बढ़ते कदम के तहत इस बार की जनगणना में 'डिजिटल डेटा' पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता बनी रहे।
मई से जून तक चलेगा 'हाउस लिस्टिंग' का काम
जनगणना के पहले चरण के तहत प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर मकानों की संख्या, उनके प्रकार और उनमें रहने वाले परिवारों की बुनियादी जानकारी जुटाएंगे। इस प्रक्रिया में मुख्य रूप से:
मकान नंबर: प्रत्येक भवन और घर को एक विशिष्ट नंबर दिया जाएगा।
उपयोग: मकान का उपयोग आवासीय, व्यावसायिक या अन्य उद्देश्यों के लिए हो रहा है, इसकी जानकारी ली जाएगी।
बुनियादी सुविधाएं: परिवार के पास उपलब्ध पेयजल, शौचालय, बिजली और रसोई गैस जैसी सुविधाओं का डेटा एकत्र किया जाएगा।
पहली बार 'डिजिटल जनगणना' पर जोर
इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका डिजिटल स्वरूप है। प्रगणकों को मोबाइल ऐप और टैबलेट दिए जाएंगे, जिससे डेटा की एंट्री रियल-टाइम में हो सकेगी। इससे पेपरवर्क कम होगा और आंकड़ों के विश्लेषण में लगने वाला समय भी काफी घट जाएगा। जो परिवार स्वयं अपनी जानकारी पोर्टल पर दर्ज करना चाहते हैं, उनके लिए 'सेल्फ-एन्युमरेशन' (Self-Enumeration) का विकल्प भी खुला रहेगा।
शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी
छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में इस महाभियान को सफल बनाने के लिए हजारों शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। अप्रैल के अंत तक प्रगणकों और सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण (Training) पूरा कर लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि यह डेटा आगामी दशक की सरकारी योजनाओं और बजट आवंटन का आधार बनेगा।
जनता से सहयोग की अपील
रायपुर जिला प्रशासन और राज्य जनगणना कार्यालय ने आम जनता से अपील की है कि वे घर आने वाले प्रगणकों को सही और सटीक जानकारी दें। यह स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान ली गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों और विकास योजनाओं के निर्माण के लिए किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह जनगणना?
2011 के बाद यह पहली पूर्ण जनगणना होगी (2021 की जनगणना कोविड के कारण टल गई थी)। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य के लिए यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले 15 वर्षों में राज्य में शहरीकरण की रफ्तार बढ़ी है और कई नए जिलों का गठन हुआ है। सटीक जनसंख्या आंकड़ों से शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास में मदद मिलेगी।