Chhattisgarh : बस्तर के विकास का ब्लूप्रिंट,दिल्ली में सीएम साय ने पीएम मोदी से की मुलाकात, बस्तर 2.0 से बदलेगी तस्वीर
News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी 'रोडमैप' प्रस्तुत किया। 'बस्तर 2.0' नाम के इस ब्लूप्रिंट के जरिए राज्य सरकार का लक्ष्य माओवाद प्रभावित रहे इस क्षेत्र को शांति, प्रगति और वैश्विक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। सीएम साय ने प्रधानमंत्री को नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में बहाल हुई शांति के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें मानसून के बाद बस्तर आने का न्यौता भी दिया।
'बस्तर 2.0' के मुख्य स्तंभ: पांच सूत्रों पर टिका विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के विकास की रणनीति "Saturate, Connect, Facilitate, Empower, and Engage" (SCFEE) के पांच सूत्रों पर आधारित है। इस योजना के तहत बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं का तेजी से विस्तार किया जाएगा।
सड़क और बुनियादी ढांचा: योजना में 228 नई सड़कों और 267 पुलों का निर्माण प्रस्तावित है। साथ ही, 2027 तक पीएमजीएसवाई के लंबित कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य है।
कनेक्टिविटी: रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन और जगदलपुर एयरपोर्ट के विस्तार को प्राथमिकता दी जाएगी।
शिक्षा और युवाओं के लिए बड़े कदम
बस्तर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया है:
पोटा केबिन का अपग्रेडेशन: बस्तर के 45 'पोटा केबिन' स्कूलों को अब स्थाई और पक्की इमारतों में तब्दील किया जाएगा।
खेल सुविधाएं: युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 15 नए स्टेडियम और दो बहुउद्देशीय हॉल बनाने का प्रस्ताव है।
रोजगार: अब तक 1 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, जिनमें से 40,000 को रोजगार मिल चुका है।
ग्लोबल टूरिज्म मैप पर चमकेगा बस्तर
मुख्यमंत्री ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता को दुनिया के सामने लाने के लिए कई साहसिक पर्यटन परियोजनाओं का खाका पेश किया:
ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक: चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात के पास ग्लास ब्रिज और जंगलों के ऊपर 'कैनोपी वॉक' (ऊंचा पैदल पथ) विकसित करने की योजना है।
सांस्कृतिक आयोजन: 'बस्तर ओलंपिक' और 'बस्तर पांडुम' जैसे आयोजनों के जरिए क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।
आय दोगुनी करने का लक्ष्य: 2029 तक का विजन
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक केंद्रित तीन वर्षीय योजना की जानकारी दी। सरकार का लक्ष्य 2029 तक बस्तर के अधिकांश परिवारों की मासिक आय को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करना है। इसके लिए 'नियत नेल्लानार 2.0' और 'बस्तर मुन्ने' जैसी पहलों के माध्यम से हर ग्राम पंचायत तक सरकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, 'अंजोर विजन 2047' के तहत 2030 तक 5,000 स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की नीति तैयार की गई है।