Chaos in SMS Hospital Jaipur : आईसीयू में आग लगने से 6 मरीजों की दर्दनाक मौत, अस्पताल में मचा हड़कंप
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह(SMS) अस्पताल में रविवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में भीषण आग लगने से कम से कम 6 मरीजों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस दुखद घटना ने पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया और मरीजों व उनके परिजनों में दहशत फैल गई।
कैसे शुरू हुआ आग का ये तांडव?
यह घटना रविवार, 5 अक्टूबर 2025 की देर रात करीब 11:10 बजे से 11:20 बजे के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर स्थित न्यूरो आईसीयू वार्ड के स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जो देखते ही देखते पूरे आईसीयू वार्ड में फैल गई। अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि आग लगने से तेजी से जहरीला धुआं फैला, जिसने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया।
आग लगते ही अस्पताल में इमरजेंसी अलार्म बज उठे और जान बचाने के लिए मरीजों के परिजनों में भगदड़ मच गई। कई तीमारदार अपने गंभीर परिजनों को बेड समेत सड़कों पर लेकर भागे।आईसीयू में अस्पताल स्टाफ, नर्सिंग अधिकारियों और वार्ड बॉय ने तुरंत सक्रिय होकर स्ट्रेचर और ट्रॉली की मदद से कुल 24 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला और दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया। हालांकि, जहरीले धुएं और मरीजों की पहले से ही गंभीर हालत के कारण, बचाए गए छह मरीजों को बचाया नहीं जा सका। मरने वालों में दो महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं। पांच अन्य मरीजों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
दहशत का माहौल और परिजनों के आरोप
आग के कारण चारों तरफ धुएं का गुबार और चीख-पुकार मच गई। मरीजों के कई परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए कि आग लगने की सूचना देने पर भी अस्पताल स्टाफ ने ध्यान नहीं दिया और जब स्थिति बिगड़ी तो कुछ स्टाफ सदस्य भाग गए, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई। उन्होंने यह भी शिकायत की कि अस्पताल प्रबंधन उन्हें अपने मरीजों की हालत के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रहा था।
सरकार की त्वरित कार्रवाई और जांच के आदेश
हादसे की खबर मिलते ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेदम तुरंत एसएमएस अस्पताल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अस्पताल में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। फायर ब्रिगेड की करीब 12 गाड़ियों ने दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की भी घोषणा की है।