ईरान में सत्ता परिवर्तन ही एकमात्र रास्ता! राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में भेजा दुनिया का सबसे बड़ा जंगजूं जहाज, क्या छिड़ेगी नई जंग?

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वाशिंगटन/फोर्ट ब्रैग। मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादल एक बार फिर गहराने लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रति अपने कड़े तेवरों को स्पष्ट करते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा है कि ईरान में मौजूदा शासन का अंत और 'सत्ता परिवर्तन' (Regime Change) ही सबसे सकारात्मक और प्रभावी कदम होगा। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सैन्य प्रशासन तेहरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

47 साल की बातों का दौर खत्म, अब एक्शन की बारी: ट्रंप

नॉर्थ कैरोलाइना के फोर्ट ब्रैग में अमेरिकी जांबाजों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान का इस्लामी धार्मिक शासन पिछले 47 सालों से सिर्फ बातें कर रहा है, जिसका कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सत्ता परिवर्तन ही सबसे अच्छा विकल्प नजर आता है। ट्रंप के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि इसे ईरान के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

मिडिल ईस्ट रवाना हुआ दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत 'यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड'

तनावपूर्ण स्थिति के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपनी सैन्य ताकत को दोगुना कर रहा है। दुनिया का सबसे शक्तिशाली और बड़ा विमानवाहक पोत 'यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड' कैरिबियाई सागर से रवाना होकर मध्य पूर्व पहुंचने वाला है। यह युद्धपोत वहां पहले से मौजूद 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' और गाइडेड मिसाइल विध्वंसकों के साथ जुड़ेगा। ट्रंप ने साफ किया कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका को इस भारी सैन्य तैनाती की सख्त जरूरत पड़ेगी।

खाड़ी देशों की चेतावनी: भड़क सकती है महाजंग

एक तरफ अमेरिका अपनी घेराबंदी मजबूत कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ खाड़ी देशों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर किसी भी तरह का हमला पूरे मध्य पूर्व को भीषण आग में झोंक सकता है। यह क्षेत्र पहले से ही गाजा में जारी संघर्ष से जूझ रहा है। वहीं, ईरान के भीतर भी घरेलू दबाव बढ़ता जा रहा है, जहां पिछले महीने हुए प्रदर्शनों में मारे गए लोगों की याद में शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं।

ड्रोन हमले और समुद्र में झड़प ने बढ़ाई तल्खी

हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, पिछले सप्ताह अमेरिकी सेना ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया था, जो अमेरिकी युद्धपोत 'लिंकन' के बेहद करीब पहुंच गया था। इसी दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी झंडे वाले जहाज को रोकने की कोशिश भी की थी। इन घटनाओं ने आग में घी डालने का काम किया है। 'यूएसएस फोर्ड' की इस जल्दबाजी में की गई तैनाती को वेनेजुएला की रणनीति से हटकर अब ईरान पर केंद्रित माना जा रहा है।