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March 18 2026 03:38 pm

राजनीति के चाणक्य मुकुल रॉय का 71 वर्ष की आयु में निधन, पूर्व रेल मंत्री के जाने से सियासी जगत में शोक

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News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री मुकुल रॉय (Mukul Roy) का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और अस्पताल में उनका इलाज जारी था। उनके निधन की खबर से पश्चिम बंगाल और देश के राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।

तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और रणनीतिकार

मुकुल रॉय को पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद साथियों में गिना जाता था। वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को खड़ा करने में उनकी भूमिका अहम रही। उन्हें अक्सर बंगाल की राजनीति का 'चाणक्य' कहा जाता था, क्योंकि वे पर्दे के पीछे रहकर जीत की रणनीतियां बनाने में माहिर थे।

रेल मंत्री से लेकर राज्यसभा तक का सफर

मुकुल रॉय ने अपने राजनीतिक करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया:

पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री: ममता बनर्जी के बाद उन्होंने केंद्र सरकार में रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली।

राज्यसभा सांसद: वे लंबे समय तक राज्यसभा के सदस्य रहे और उच्च सदन में पार्टी की आवाज बुलंद की।

TMC और BJP: उनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। 2017 में उन्होंने बीजेपी का दामन थामा था, लेकिन 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद वे फिर से तृणमूल कांग्रेस में लौट आए थे।

लंबे समय से जूझ रहे थे बीमारी से

पिछले कुछ वर्षों से मुकुल रॉय का स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। उन्हें न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के साथ-साथ उम्र संबंधी अन्य बीमारियां भी थीं। उनके निधन पर प्रधानमंत्री, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और देश के अन्य बड़े नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे भारतीय राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।

अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि

मुकुल रॉय का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां विभिन्न दलों के नेता और उनके समर्थक उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। उनका जाना एक ऐसे युग का अंत है, जिसमें उन्होंने संगठन शक्ति के दम पर बंगाल की राजनीति की दिशा बदल दी थी।