रांची को केंद्र का महा-उपहार 6000 करोड़ की लागत से बनेगा 195 किमी लंबा आउटर रिंग रोड
News India Live, Digital Desk: झारखंड की राजधानी रांची को ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दे दी है। रांची के सांसद और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को घोषणा की कि शहर के चहुंमुखी विकास के लिए 6,000 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य 'आउटर रिंग रोड' (Outer Ring Road) का निर्माण किया जाएगा। लगभग 195 किलोमीटर लंबी यह सड़क परियोजना न केवल रांची के विस्तार को नई दिशा देगी, बल्कि इसे देश के सबसे आधुनिक शहरों की श्रेणी में खड़ा कर देगी।
1. आउटर रिंग रोड: रांची के विकास का 'नया घेरा'
यह परियोजना रांची के वर्तमान रिंग रोड के बाहर एक बड़ा घेरा बनाएगी, जो शहर के बाहरी इलाकों को सीधे राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ेगी।
लंबाई और विस्तार: 195 किमी लंबी यह सड़क रांची के बाहरी इलाकों जैसे ओरमांझी, नामकुम, रातू, और नगड़ी के सुदूर क्षेत्रों को कवर करेगी।
कनेक्टिविटी: यह रिंग रोड वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगी, जिससे रांची से कोलकाता और वाराणसी की दूरी तय करने में लगने वाले समय में भारी कटौती होगी।
आर्थिक लाभ: इसके बनने से लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और टाउनशिप के नए द्वार खुलेंगे, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
2. 45,000 करोड़ का 'रोड मैप': झारखंड में बिछेगा सड़कों का जाल
संजय सेठ ने बताया कि केवल रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 45,000 करोड़ रुपये की लागत से 1500 किलोमीटर लंबी सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है।
नेवरी चौक और रामपुर इंटरचेंज: एनएच-33 पर विकास (नेवरी चौक) से रामपुर के बीच यातायात को सुगम बनाने के लिए 303.53 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।
फ्लाईओवर और टनल: योजना में 4-लेन का फ्लाईओवर और एक 1.24 किमी लंबी सुरंग (Tunnel) का निर्माण शामिल है, ताकि वाहनों का आवागमन बिना किसी बाधा के हो सके।
टाइमलाइन: इन परियोजनाओं को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
3. स्थानीय क्षेत्रों को मिलेगी बड़ी राहत
शिलान्यास के दौरान खिजरी विधायक राजेश कच्छप और राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने भी इस परियोजना को रांची के लिए 'गेम चेंजर' बताया।
सुरक्षित सफर: रामपुर और इरबा टनल के निर्माण से ब्लैक स्पॉट्स खत्म होंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
जाम से मुक्ति: बाहरी राज्यों से आने वाले भारी वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना ही सीधे अपने गंतव्य की ओर निकल सकेंगे।
भविष्य की ओर बढ़ता रांची: विशेषज्ञ की राय
इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'आउटर रिंग रोड' रांची की बढ़ती आबादी और अगले 50 वर्षों की यातायात मांग को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से गोला-ओरमांझी रोड (90% पूर्ण) और विभिन्न रेल ओवरब्रिज (ROBs) का काम भी अंतिम चरण में है।