C.J. Roy Suicide Case : ब्रीफकेस में गन लेकर चलते थे कॉन्फिडेंट ग्रुप के मालिक IT रेड के बीच ऑफिस में खुद को मारी गोली
News India Live, Digital Desk : बेंगलुरु के नामी रियल एस्टेट कारोबारी सी.जे. रॉय ने शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को अपने ऑफिस में खुदकुशी कर ली। यह घटना उस समय घटी जब आयकर विभाग (Income Tax) की टीम उनके अशोक नगर स्थित दफ्तर में छापेमारी कर रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि रॉय अपने पास हमेशा एक लाइसेंसी रिवॉल्वर रखते थे, जिसका इस्तेमाल उन्होंने अपनी जीवनलीला समाप्त करने के लिए किया।
घटनाक्रम: उस दोपहर ऑफिस में क्या हुआ? (The Last Moments)
पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, घटना बेहद नाटकीय और दुखद थी:
चल रही थी छापेमारी: पिछले दो दिनों से रॉय के ठिकानों पर आईटी विभाग की रेड चल रही थी। शुक्रवार को अधिकारी उनके दफ्तर में मौजूद थे और रॉय से पूछताछ कर रहे थे।
ब्रीफकेस और हथियार: बताया जाता है कि रॉय सुरक्षा कारणों से अक्सर अपने ब्रीफकेस में अपनी लाइसेंसी पिस्टल रखते थे।
वो आखिरी 1 घंटा: छापेमारी के दौरान रॉय करीब एक घंटे तक अधिकारियों के साथ बैठे थे। अचानक उन्होंने अपना रिवॉल्वर निकाला और खुद पर गोली चला दी।
अस्पताल में मौत: गोली की आवाज सुनकर स्टाफ और अधिकारी उनके कमरे की ओर भागे। उन्हें तुरंत नजदीकी नारायण अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
क्यों लिया यह खौफनाक कदम? (The Possible Reasons)
पुलिस और करीबी सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे कई दबाव हो सकते हैं:
| संभावित कारण | विवरण |
|---|---|
| IT रेड का दबाव | पिछले 3 सालों से रॉय आयकर विभाग की रडार पर थे। लगातार हो रही छापेमारी और करोड़ों के टैक्स चोरी के आरोपों ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। |
| व्यापारिक घाटा | कॉन्फिडेंट ग्रुप के कुछ प्रोजेक्ट्स कानूनी विवादों और आर्थिक मंदी के कारण फंसे हुए थे। |
| अकेलापन | घटना के वक्त रॉय का परिवार भारत में नहीं था, वे विदेश यात्रा पर थे। |
कौन थे सी.जे. रॉय? (The Rise and Fall of an Empire)
केरल में जन्मे और बेंगलुरु में पले-बढ़े सी.जे. रॉय की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थी:
HP से शुरुआत: उन्होंने मशहूर कंपनी हेवलेट-पैकार्ड (HP) में नौकरी की, जिसे छोड़कर 2006 में अपनी रियल एस्टेट कंपनी 'कॉन्फिडेंट ग्रुप' शुरू की।
165 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स: उन्होंने बेंगलुरु, केरल और दुबई में 165 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पूरे किए।
फिल्म निर्माण: रॉय ने मोहनलाल की 'मराक्कर' जैसी बड़ी फिल्मों को भी प्रोड्यूस किया था। वे अपनी लग्जरी कारों और दान-पुण्य के लिए भी जाने जाते थे।
सुरक्षा में बड़ी चूक?
इस घटना ने आयकर विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि रेड के दौरान अधिकारियों को व्यक्ति के निजी सामान और हथियारों को अपने कब्जे में ले लेना चाहिए था।
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने कहा है कि एफएसएल (FSL) की टीम मौके से सुराग जुटा रही है। सीसीटीवी फुटेज और रॉय के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है ताकि आत्महत्या की असली वजह का पता चल सके।