मुकेश अंबानी की दो कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, बाजार में मची भारी हलचल
भारतीय शेयर बाजार में जब भी देश के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी और उनकी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) से जुड़ी कंपनियों की बात आती है, तो निवेशकों की नजरें खुद-ब-खुद स्क्रीन पर टिक जाती हैं। इस समय दलाल स्ट्रीट पर मुकेश अंबानी के ग्रुप और पोर्टफोलियो से जुड़ी दो दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने गजब का धमाल मचा रखा है। शेयर बाजार की सुस्ती के बावजूद इन दोनों स्टॉक्स में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की तरफ से ताबड़तोड़ खरीदारी देखी जा रही है।
मार्केट खुलते ही निवेशकों की आक्रामक लिवाली के चलते एक कंपनी के शेयर में तो धड़ाधड़ अपर सर्किट (Upper Circuit) लग गया, जिससे बिकवाली के ऑर्डर गायब हो गए। दूसरी ओर, रिलायंस समूह से जुड़ी दूसरी संबंधित कंपनी का शेयर भी नए 52-सप्ताह के रिकॉर्ड स्तरों के करीब उछाल भरता नजर आया। अचानक आई इस बड़ी तेजी के पीछे के असल कारणों और भविष्य के टार्गेट्स को लेकर बाजार विशेषज्ञों के बीच गहन चर्चा छिड़ गई है।
किस शेयर में लगा धड़ाधड़ अपर सर्किट और कितनी आई तेजी
शेयर बाजार में जिस कंपनी के स्टॉक ने निवेशकों को सबसे ज्यादा हैरान और खुश किया है, वह मुकेश अंबानी के नियंत्रण और बड़ी हिस्सेदारी वाली टेलीकॉम व डिजिटल सर्विसेज से जुड़ी एचएफसीएल लिमिटेड (HFCL Ltd) और जस्ट डायल (Just Dial) जैसी प्रमुख कंपनियां हैं। विशेष तौर पर नेटवर्क गियर्स और फाइबर ऑप्टिक्स बनाने वाली कंपनी एचएफसीएल लिमिटेड के शेयर में सुबह के कारोबारी सत्र में ही 5% का अपर सर्किट लग गया। ट्रेडिंग के दौरान शेयर का भाव एक झटके में चढ़कर अपने उच्चतम बैंड को छू गया।
अपर सर्किट लगने का सीधा मतलब यह है कि इस शेयर को खरीदने वाले खरीदारों की लंबी कतार तो लगी हुई है, लेकिन मौजूदा भाव पर कोई भी निवेशक अपनी होल्डिंग बेचने को तैयार नहीं है। दूसरी ओर, जस्ट डायल के शेयर में भी 8% से लेकर 10% तक की जोरदार इंट्राडे तेजी दर्ज की गई है। कारोबार के दौरान इन दोनों कंपनियों के ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक कई गुना का बड़ा उछाल देखा गया, जो इस बात का संकेत है कि बड़े फंड हाउस और बिग बुल इस पर मेहरबान हैं।
आखिर क्यों शेयरों में अचानक आई इतनी बड़ी तेजी
बाजार विश्लेषकों और रिसर्च रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कंपनियों के शेयरों में अचानक आए इस तूफानी उछाल के पीछे कई बड़े और रणनीतिक कारण मौजूद हैं। सबसे बड़ा कारण रिलायंस जियो (Jio Platforms) के नेटवर्क विस्तार और आगामी 5G व 6G इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़े बड़े ऑर्डर की खबरें हैं। रिलायंस समूह की इन सहायक कंपनियों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों से बड़े पैमाने पर ऑप्टिकल फाइबर और डिजिटल समाधानों के सप्लाई ऑर्डर्स हासिल हुए हैं।
इसके अलावा, हाल ही में जारी हुए चालू तिमाही के वित्तीय आंकड़ों (Quarterly Results) में कंपनियों का मुनाफा और ऑपरेटिंग मार्जिन बेहद शानदार रहा है। लगातार मजबूत होते बैलेंस शीट और कर्ज में आई कमी ने निवेशकों के भरोसे को और ज्यादा मजबूत कर दिया है, जिसके चलते बाजार खुलते ही शेयरों में खरीदारी की होड़ मच गई।
निवेशकों को मिला बंपर रिटर्न और एक्सपर्ट्स की क्या है राय
इस जोरदार तेजी के चलते जिन निवेशकों ने निचले स्तरों पर इन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया था, उनकी संपत्ति में एक ही दिन में करोड़ों रुपये का इजाफा हो गया है। पिछले कुछ महीनों के प्रदर्शन को देखें तो इन स्टॉक्स ने अपने निवेशकों को मल्टीबैगर रिटर्न (Multibagger Returns) दिया है। बाजार के अनुभवी ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि मुकेश अंबानी के डिजिटल और डेटा क्रांति विजन से सीधे तौर पर जुड़ी होने के कारण इन कंपनियों का आउटलुक काफी सकारात्मक दिखाई दे रहा है।
तकनीकी चार्ट (Technical Chart) पर ब्रेकआउट मिलने के बाद विश्लेषकों का कहना है कि शेयर अपने नए सपोर्ट लेवल को होल्ड कर रहे हैं। हालांकि, रिटेल निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि किसी भी अपर सर्किट वाले शेयर में केवल तेजी देखकर भावुक न हों, बल्कि सही मूल्य और फंडामेंटल्स को समझकर ही आगे की रणनीति बनाएं।
रिलायंस ग्रुप का नया विजन और भविष्य की संभावनाएं
रिलायंस इंडस्ट्रीज और मुकेश अंबानी के नेतृत्व में डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और न्यू एनर्जी सेक्टर में जो भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है, उसका सीधा असर इससे जुड़ी छोटी और मध्यम कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन पर पड़ रहा है। 5G इंफ्रास्ट्रक्चर के देशव्यापी विस्तार और एआई (AI) आधारित डिजिटल टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल से आगामी दिनों में इन स्टॉक्स के बिजनेस रेवेन्यू में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
यही वजह है कि घरेलू रिटेल निवेशकों से लेकर विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) भी इन शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने में काफी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि क्या ये शेयर अपनी इस अपर सर्किट वाली तूफानी रफ्तार को बरकरार रख पाते हैं या ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली (Profit Booking) देखने को मिलती है।