PF Withdrawal: पीएफ से पैसा निकालने के नियमों में बड़ा बदलाव! EPFO ने TDS छूट के लिए इस फॉर्म को घोषित किया अमान्य
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने भविष्य निधि (PF) खाते से अग्रिम या पूर्ण निकासी करने वाले करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए निकासी और कर कटौती (TDS) से जुड़े नियमों में एक बड़ा और कड़ा संशोधन लागू कर दिया है। ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, समय पूर्व पीएफ निकासी के दौरान टीडीएस से छूट प्राप्त करने के लिए जमा किए जाने वाले स्व-घोषणा फॉर्मों (Self-Declaration Forms) की जांच व्यवस्था को पूरी तरह सख्त कर दिया गया है। ईपीएफओ ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि गैर-वरिष्ठ खाताधारकों द्वारा टीडीएस कटौती रोकने के लिए गलत तरीके से इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म या निर्धारित प्रारूप (Format) का पालन न करने वाले सभी दावों को तत्काल प्रभाव से 'अमान्य' (Invalid) माना जाएगा और ऐसे दावों पर सीधे नियमानुसार टीडीएस काटा जाएगा। त्योहारी सीजन से ठीक पहले ईपीएफओ के इस फैसले का सीधा असर उन अंशधारकों पर पड़ेगा जो मकान निर्माण, बीमारी, विवाह या नौकरी छूटने के कारण अपने पीएफ खाते से राशि निकालने के लिए ऑनलाइन क्लेम फाइल कर रहे हैं।
ईपीएफ निकासी पर टीडीएस के क्या हैं नियम और कौन-सा फॉर्म हुआ अमान्य
आयकर अधिनियम की धारा 192A के तहत ईपीएफओ के टीडीएस नियमों का स्पष्ट प्रावधान है कि यदि कोई कर्मचारी लगातार 5 वर्ष की सेवा (Continuous Service) पूरी किए बिना अपने पीएफ खाते से ₹50,000 या उससे अधिक की राशि की निकासी करता है, तो निकासी राशि करयोग्य मानी जाती है। ऐसे मामलों में ईपीएफओ को निकासी की कुल राशि पर टीडीएस काटना अनिवार्य होता है।
अब तक कई अंशधारक टीडीएस कटौती से बचने के लिए पुराने, अमान्य, बिना हस्ताक्षरित या अनुचित घोषणा प्रपत्र ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर देते थे। ईपीएफओ ने स्पष्ट किया है कि:
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60 वर्ष से कम आयु वाले सामान्य कर्मचारियों के लिए Form 15H पूरी तरह अमान्य है, क्योंकि यह फॉर्म केवल वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक आयु) के लिए निर्धारित है।
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यदि किसी गैर-वरिष्ठ कर्मचारी ने फॉर्म 15G के बजाय गलती से फॉर्म 15H अपलोड किया है, तो सिस्टम उस दावे को बिना किसी छूट के सीधे टीडीएस कटौती के साथ प्रोसेस करेगा या क्लेम निरस्त कर देगा।
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इसके अलावा, बिना पैन कार्ड की सही सीडिंग के अपलोड किए गए फॉर्म 15G या अस्पष्ट/अपूर्ण फॉर्म्स को भी अस्वीकार (Reject) कर दिया जाएगा।
पैन कार्ड लिंक होने और न होने पर टीडीएस की दरें
ईपीएफओ ने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों और फील्ड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे टीडीएस नियमों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें। पीएफ निकासी पर टीडीएस कटौती का गणित इस प्रकार लागू होता है:
| सेवा अवधि (Service Duration) | निकासी राशि (Withdrawal Amount) | पैन और फॉर्म 15G/15H की स्थिति | लागू TDS दर |
| 5 वर्ष से अधिक | कोई भी राशि | किसी फॉर्म की आवश्यकता नहीं | 0% (पूरी तरह टैक्स-फ्री) |
| 5 वर्ष से कम | ₹50,000 से कम | किसी फॉर्म की आवश्यकता नहीं | 0% (शून्य टीडीएस) |
| 5 वर्ष से कम | ₹50,000 या अधिक | वैध पैन + वैध Form 15G/15H संलग्न | 0% (टीडीएस में छूट) |
| 5 वर्ष से कम | ₹50,000 या अधिक | केवल पैन लिंक (Form 15G नहीं) | 10% (फ्लैट टीडीएस कटौती) |
| 5 वर्ष से कम | ₹50,000 या अधिक | पैन कार्ड लिंक नहीं (No PAN) | 34.6% (अधिकतम सीमांत दर) |
यदि किसी कर्मचारी का पैन कार्ड पीएफ खाते से लिंक नहीं है या अमान्य घोषित फॉर्म के चलते छूट निरस्त होती है, तो उसे सीधे लगभग 35 प्रतिशत का भारी-भरकम टैक्स नुकसान झेलना पड़ सकता है।
फॉर्म 15G और 15H में क्या है अंतर: किसे कौन-सा फॉर्म भरना चाहिए?
दावेदारों को किसी भी भ्रम से बचने के लिए दोनों फॉर्मों के पात्रता मानदंडों को समझना जरूरी है:
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Form 15G: यह फॉर्म उन भारतीय नागरिकों के लिए है जिनकी आयु 60 वर्ष से कम है। यदि चालू वित्तीय वर्ष में उनकी अनुमानित कुल आय शून्य कर देयता (Nil Tax Liability) के दायरे में आती है, तो वे ईपीएफ पोर्टल पर फॉर्म 15G के दोनों भाग भरकर अपलोड कर सकते हैं।
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Form 15H: यह फॉर्म विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष या उससे अधिक) के लिए बनाया गया है। यदि किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी की कुल कर योग्य आय पर बनने वाला कर शून्य है, तो वे फॉर्म 15H जमा करने के पात्र हैं। कम उम्र के कर्मचारियों द्वारा इस फॉर्म का उपयोग करना कानूनी रूप से अवैध है।
ऑनलाइन क्लेम करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ईपीएफओ ने अंशधारकों को सलाह दी है कि क्लेम सबमिट करने से पहले यूनिफाइड मेंबर पोर्टल (Unified Member Portal) पर अपनी प्रोफाइल की जांच अवश्य कर लें:
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यूएएन-पैन लिंकिंग: सुनिश्चित करें कि आपका सही पैन नंबर यूएएन (UAN) से लिंक है और इनकम टैक्स डेटाबेस के साथ उसका ऑनलाइन सत्यापन (Verification) पूरा हो चुका है।
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बैंक खाता और आईएफएससी: जिस बैंक खाते में राशि मंगाई जा रही है, वह आधार से सीडेड हो और बैंक की शाखा द्वारा डिजिटली अप्रूव्ड हो।
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पीडीएफ का सही प्रारूप: फॉर्म 15G की केवल स्पष्ट और हस्ताक्षरित कॉपी ही पीडीएफ फॉर्मेट (अधिकतम 1 एमबी साइज) में पोर्टल पर अपलोड करें।