दिवाली और छठ पर घर जाने की होड़: रेलवे में 60 दिन के नियम से शुरू हुई टिकटों की मारामारी

दिवाली और छठ पर घर जाने की होड़: रेलवे में 60 दिन के नियम से शुरू हुई टिकटों की मारामारी

देश के सबसे बड़े त्योहारों—धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के पावन अवसर पर अपने पैतृक घर जाने वाले करोड़ों प्रवासियों के लिए भारतीय रेलवे (Indian Railways) में टिकट बुकिंग का महासंग्राम शुरू हो चुका है। दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में रोजी-रोटी कमाने वाले उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के नागरिकों के लिए त्योहारों पर घर पहुंचना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता।

रेलवे द्वारा लागू किए गए 60 दिन के अग्रिम आरक्षण अवधि (Advance Reservation Period - ARP) नियम के तहत दिवाली सप्ताह की सामान्य टिकट बुकिंग विंडो आधिकारिक रूप से खुल चुकी है। सुबह 8:00 बजते ही आईआरसीटीसी (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर लाखों यूजर्स एक साथ लॉगिन कर रहे हैं, जिसके चलते दिल्ली-पटना, मुंबई-गोरखपुर, दिल्ली-दरभंगा, सूरत-वाराणसी और हावड़ा-गया जैसे अत्यधिक व्यस्त रेल मार्गों की प्रमुख ट्रेनों (जैसे संपूर्ण क्रांति, वैशाली एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, पूर्वा एक्सप्रेस और महाबोधि एक्सप्रेस) में महज 2 से 3 मिनट के भीतर स्लीपर और एसी श्रेणियों की सभी सीटें फुल हो रही हैं और वेटिंग लिस्ट 200 के पार पहुंच रही है।

दिवाली 2026 का पूरा बुकिंग कैलेंडर: धनतेरस से भाई दूज तक कब खुलेंगे टिकट?

इस वर्ष दिवाली का पांच दिवसीय दीपोत्सव 6 नवंबर 2026 (धनतेरस) से शुरू होकर 10 नवंबर 2026 (भाई दूज) तक मनाया जाएगा। भारतीय रेलवे के 60 दिवसीय आरक्षण नियम के अनुसार, जिस दिन ट्रेन अपने प्रारंभिक स्टेशन (Origin Station) से चलती है, उससे ठीक 60 दिन पहले सुबह 8:00 बजे सामान्य कोटे की बुकिंग शुरू होती है।

दिवाली के प्रमुख दिनों के लिए टिकट बुकिंग की तिथियां इस प्रकार निर्धारित हैं:

  • 5 नवंबर 2026 की यात्रा (दिवाली से पूर्व प्रस्थान): इस तारीख की यात्रा के लिए बुकिंग विंडो आज 6 सितंबर 2026 को सुबह 8:00 बजे से खुल चुकी है।

  • 6 नवंबर 2026 की यात्रा (धनतेरस): धनतेरस के दिन यात्रा करने के लिए टिकट बुकिंग कल यानी 7 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे शुरू होगी।

  • 7 नवंबर 2026 की यात्रा (छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी): इस दिन की यात्रा के टिकट 8 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे से बुक किए जा सकेंगे।

  • 8 नवंबर 2026 की यात्रा (बड़ी दिवाली / लक्ष्मी पूजन): मुख्य दिवाली के दिन ट्रेन पकड़ने के लिए बुकिंग विंडो 9 सितंबर 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेगी।

  • 9 नवंबर 2026 की यात्रा (गोवर्धन पूजा / अन्नकूट): इस तारीख के टिकट 10 सितंबर 2026 को बुक होंगे।

  • 10 नवंबर 2026 की यात्रा (भाई दूज / यम द्वितीया): भाई दूज पर घर पहुंचने के लिए बुकिंग 11 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे सक्रिय होगी।

छठ पूजा 2026 की बुकिंग विंडो कब खुलेगी? नहाय-खाय से उषा अर्घ्य तक का सटीक टाइम-टेबल

पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के सबसे बड़े सांस्कृतिक और धार्मिक महापर्व 'छठ पूजा' पर ट्रेनों में यात्रियों की सबसे भीषण भीड़ उमड़ती है। चार दिनों तक चलने वाला यह पावन अनुष्ठान इस वर्ष 13 नवंबर 2026 से 16 नवंबर 2026 तक संपन्न होगा। छठ व्रतियों और उनके परिजनों को समय पर घर पहुंचाने के लिए 60 दिन पहले की बुकिंग तिथियां बेहद महत्वपूर्ण हैं:

  • 13 नवंबर 2026 (पहला दिन - नहाय-खाय): छठ पूजा के पहले दिन घर पहुंचने के लिए टिकटों की बुकिंग 14 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे खुलेगी।

  • 14 नवंबर 2026 (दूसरा दिन - खरना / लोहंडा): खरना के दिन की यात्रा के लिए आरक्षण विंडो 15 सितंबर 2026 को सुबह 8:00 बजे खुलेगी।

  • 15 नवंबर 2026 (तीसरा दिन - संध्या अर्घ्य / मुख्य पूजा): डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के दिन यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बुकिंग 16 सितंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे शुरू होगी।

  • 16 नवंबर 2026 (चौथा दिन - उषा अर्घ्य / पारण): उगते सूर्य को अर्घ्य और व्रत के समापन दिवस के लिए बुकिंग 17 सितंबर 2026 को खुलेगी।

छठ पूजा समाप्त होने के बाद 17 नवंबर से 21 नवंबर 2026 के बीच काम पर लौटने (Return Journey) का भारी दबाव रहेगा। वापसी यात्रा के लिए 60 दिन पहले का आरक्षण 18 सितंबर से 22 सितंबर 2026 के बीच सुबह 8:00 बजे से खुलेगा।

IRCTC पर 100% कंफर्म टिकट पाने के 5 अचूक तरीके: सेकंड्स की देरी भी पड़ेगी भारी

त्योहारी सीजन में आईआरसीटीसी पर एक-एक सेकंड की कीमत होती है। बुकिंग विंडो खुलने के 60 से 90 सेकंड के भीतर हजारों सीटें गायब हो जाती हैं। यदि आप भी कंफर्म टिकट पाना चाहते हैं, तो इन 5 तकनीकी हैक्स को अनिवार्य रूप से अपनाएं:

  • 1. IRCTC 'Master List' फीचर का पहले से इस्तेमाल: टिकट बुकिंग के समय नाम, उम्र, जेंडर और बर्थ प्रेफरेंस टाइप करने में कम से कम 30 से 40 सेकंड का समय बर्बाद होता है। इससे बचने के लिए बुकिंग खुलने से एक दिन पहले ही आईआरसीटीसी प्रोफाइल में जाकर 'My Profile > Master List' में सभी यात्रियों का विवरण पहले से सुरक्षित (Pre-Save) कर लें। बुकिंग के समय केवल 'Add Existing' पर क्लिक करते ही एक सेकंड में सारे यात्रियों का नाम फॉर्म में भर जाएगा।

  • 2. IRCTC e-Wallet से करें पेमेंट: पेमेंट गेटवे के धीमे सर्वर और बैंक से ओटीपी (OTP) आने में होने वाली देरी ही अक्सर टिकट को कंफर्म से वेटिंग में धकेल देती है। इससे बचने के लिए अपने आईआरसीटीसी ई-वॉलेट (IRCTC e-Wallet) में पहले से पैसे लोड करके रखें। ई-वॉलेट से पेमेंट करने पर किसी बैंक गेटवे पर रीडायरेक्ट नहीं होना पड़ता और सीधे प्रोफाइल पासवर्ड/ट्रांजैक्शन पिन डालकर मात्र 5 सेकंड में भुगतान पूरा हो जाता है। इसके अलावा यूपीआई क्यूआर कोड (Auto-scan UPI) भी कार्ड पेमेंट की तुलना में काफी तेज काम करता है।

  • 3. 7:55 AM पर लॉगिन करें और हाई-स्पीड इंटरनेट रखें: ठीक सुबह 8:00 बजे लॉगिन करने की गलती न करें, क्योंकि उस समय सर्वर पर भारी ट्रैफिक के चलते कैप्चा लोड नहीं होता या टाइम-आउट एरर आ जाता है। हमेशा सुबह 7:55 से 7:57 के बीच लॉगिन कर लें और ट्रेन लिस्ट खोलकर बैठ जाएं। ठीक 8:00:01 बजे सीट रिफ्रेश करके सीधे 'Book Now' पर क्लिक करें।

  • 4. 'VIKALP' (विकल्प) स्कीम का चयन अवश्य करें: टिकट बुक करते समय फॉर्म में नीचे दिए गए 'Vikalp' (Alternate Train Accommodation Scheme) विकल्प पर टिक करें। यदि आपकी मुख्य ट्रेन में टिकट वेटिंग में चला जाता है, तो रेलवे का ऑटोमेटेड सिस्टम उसी रूट पर जाने वाली किसी अन्य स्पेशल या रेगुलर ट्रेन में खाली बची बर्थ पर आपको बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कंफर्म सीट अलॉट कर देता है।

  • 5. रूट ट्विकिंग और बोर्डिंग स्टेशन का बदलाव: यदि आपके मुख्य स्टेशन से टिकट उपलब्ध नहीं है, तो ट्रेन के ओरिजिन (प्रारंभिक स्टेशन) या उससे एक स्टेशन पहले से टिकट बुक करने का प्रयास करें और अपना बोर्डिंग पॉइंट (Boarding Point) अपने नजदीकी स्टेशन पर सेट कर लें। रेलवे नियमों के अनुसार बोर्डिंग स्टेशन बदलने से टिकट की वैधता पर कोई असर नहीं पड़ता, जबकि लंबी दूरी के कोटे में कंफर्म सीट मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

तत्काल और प्रीमियम तत्काल का बैकअप प्लान: जब सामान्य कोटे में न मिले सीट

यदि किसी कारणवश 60 दिन पहले की सामान्य बुकिंग में आपकी सीट कंफर्म नहीं हो पाती है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों के पास यात्रा से ठीक 1 दिन पहले खुलने वाले 'तत्काल' (Tatkal) और 'प्रीमियम तत्काल' (Premium Tatkal) कोटे का मजबूत विकल्प मौजूद रहता है:

  • एसी क्लास तत्काल: यात्रा की तारीख से एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे एसी (1A, 2A, 3A, 3E, CC) का तत्काल कोटा खुलता है।

  • नॉन-एसी / स्लीपर तत्काल: यात्रा से एक दिन पहले सुबह 11:00 बजे स्लीपर और सेकंड सिटिंग का तत्काल कोटा खुलता है।

  • प्रीमियम तत्काल की सुविधा: प्रीमियम तत्काल कोटे में डायनामिक फेयर (Dynamic Pricing) लागू होता है, जहां मांग के अनुसार किराया बढ़ता है, लेकिन इस कोटे में टिकट मिलने की संभावना सामान्य तत्काल की तुलना में काफी अधिक रहती है क्योंकि दलाल और एजेंट्स इस कोटे को तुरंत बुक नहीं कर पाते।

  • करंट बुकिंग (Current Availability): ट्रेन का पहला चार्ट बनने के बाद (प्रस्थान से 4 घंटे पहले) जो सीटें कैंसिल होती हैं या खाली रह जाती हैं, उन्हें 'करंट बुकिंग' विंडो में 10 से 20 प्रतिशत तक की छूट पर बुक किया जा सकता है।

रेलवे चलाएगा सैकड़ों 'फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें': छठ के लिए अतिरिक्त कोच और क्लोन रेक का मास्टरप्लान

भारतीय रेलवे बोर्ड ने त्योहारी सीजन में यात्रियों की रिकॉर्ड भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नियमित ट्रेनों में बढ़ती प्रतीक्षा सूची की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर नवंबर के मध्य तक देश भर से 1,000 से अधिक फेरों वाली 'दिवाली और छठ पूजा स्पेशल ट्रेनें' (Festival Special Trains) चलाई जाएंगी। इन स्पेशल ट्रेनों में अधिकांश संख्या गरीब रथ, गति शक्ति और जनसाधारण (अनारक्षित) ट्रेनों की होगी, ताकि सामान्य आय वर्ग के लोग भी सुगमता से यात्रा कर सकें। इसके अतिरिक्त, प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में 2 से 3 अतिरिक्त स्लीपर व जनरल कोच जोड़े जाएंगे और लंबी दूरी के मुख्य रूटों पर 'क्लोन ट्रेन्स' (Clone Trains) की व्यवस्था भी की जाएगी। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित ट्रेनों में सीट न मिलने की स्थिति में रेलवे द्वारा घोषित की जाने वाली विशेष ट्रेनों के नोटिफिकेशन पर पैनी नजर रखें।