पश्चिमी ईरान में भीषण सड़क हादसा: हमदान-सानंदाज हाईवे पर तेल टैंकर में जोरदार धमाका, 11 लोगों की मौत
पश्चिमी ईरान के कुर्दिस्तान प्रांत में शनिवार को एक अत्यंत दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जहां हाईवे पर दौड़ रहे एक विशाल ईंधन (तेल) टैंकर में भीषण टक्कर के बाद जबर्दस्त विस्फोट हो गया। सरकारी समाचार एजेंसी IRIB और स्थानीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस भयावह दुर्घटना में कम से कम 11 लोगों की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई, जबकि 7 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह दुर्घटना कुर्दिस्तान प्रांत की राजधानी सानंदाज को हमदान प्रांत से जोड़ने वाले व्यस्त हमदान-सानंदाज अंतरराज्यीय राजमार्ग पर घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विस्फोट की आवाज इतनी प्रचंड थी कि उसकी गूंज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार और आग की लपटें सैकड़ों फीट ऊपर तक उठती देखी गईं। तेल टैंकर से रिसते ज्वलनशील ईंधन ने राजमार्ग पर बहकर आग का ऐसा विकराल दरिया बना दिया कि आसपास चल रहे अन्य वाहन चालकों को संभलने या भागने का कोई मौका तक नहीं मिल सका।
आग के गोले में तब्दील हुआ तेल टैंकर: ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुआ वाहन, कई गाड़ियां चपेट में आईं
सानंदाज के प्रांतीय गवर्नर और स्थानीय परिवहन पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक तकनीकी जांच में हादसे के मुख्य कारण का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, तेल टैंकर हमदान से मारीवान शहर की ओर भारी मात्रा में पेट्रोलियम ईंधन लेकर जा रहा था। हाईवे के एक तीव्र ढलान और मोड़ पर अचानक टैंकर के ब्रेकिंग सिस्टम (Braking System) में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण भारी-भरकम वाहन से चालक का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। बेकाबू होकर तेज रफ्तार से भागता हुआ टैंकर आगे चल रहे वाहनों से टकराते हुए सड़क पर पलट गया। पलटते ही टैंकर का विशाल कंपार्टमेंट फट गया और उसमें भरे हजारों लीटर पेट्रोल/डीजल ने घर्षण से निकली चिंगारी के संपर्क में आते ही भयानक रूप से आग पकड़ ली।
कुर्दिस्तान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के आपातकालीन चिकित्सा सेवा (EMS) प्रमुख बाबेक होदाई ने बताया कि टैंकर के फटने से निकली आग की लपटों ने हाईवे पर आसपास से गुजर रही कई निजी कारों और वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। कई वाहनों में सवार मुसाफिरों को दरवाजे खोलने का समय भी नहीं मिल पाया और वे वाहन के भीतर ही जिंदा फंस गए। देखते ही देखते कई चारपहिया वाहन पूरी तरह जलकर लोहे के कंकाल में तब्दील हो गए।
राहत और बचाव अभियान: रेड क्रीसेंट और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मलबे से निकाले शव
दुर्घटना की सूचना मिलते ही ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी (Red Crescent), अग्निशमन विभाग और सानंदाज मेडिकल कॉलेज की दर्जनों आपातकालीन रेस्क्यू टीमें एंबुलेंस और फायर टेंडर्स के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। आग की तीव्रता और रसायन के जलने से उठती जहरीली गैसों के चलते बचाव कर्मियों को शुरुआत में मलबे के करीब पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। अग्निशामक दलों ने फोम और भारी पानी की बौछारों के जरिए कई घंटों के कड़े संघर्ष के बाद विकराल लपटों पर पूरी तरह काबू पाया।
बचाव कर्मियों ने आग बुझने के बाद जली हुई गाड़ियों की कटी हुई धातु के बीच से 11 शवों को बाहर निकाला। अधिकांश शव बुरी तरह जल चुके थे, जिसके कारण उनकी शिनाख्त के लिए फॉरेंसिक डीएनए जांच का सहारा लिया जा रहा है। गंभीर रूप से झुलसे सभी 7 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत सानंदाज के मुख्य ट्रॉमा एवं बर्न स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां 3 घायलों की हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है। बचाव अभियान और मलबे को हटाने के चलते हमदान-सानंदाज हाईवे पर घंटों तक वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे बाद में क्रेन की मदद से रास्ता साफ कर सुचारु कराया गया।
सानंदाज-हमदान रूट पर पुराना खूनी इतिहास: 2018 के बस हादसे की ताजा हुईं खौफनाक यादें
इस ताजा हृदयविदारक हादसे ने स्थानीय नागरिकों और ईरान के लोगों के जेहन में वर्ष 2018 के उस खौफनाक मंजर की यादें फिर से ताजा कर दी हैं, जब इसी मार्ग पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था। वर्ष 2018 में सानंदाज के इसी हाईवे पर एक अनियंत्रित फ्यूल टैंकर ने यात्रियों से भरी एक बस को जोरदार टक्कर मार दी थी, जिसके बाद हुए धमाके और आगजनी में कम से कम 13 निर्दोष यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।
कुर्दिस्तान प्रांत का यह पहाड़ी और घुमावदार राजमार्ग भारी पेट्रोलियम और वाणिज्यिक ट्रकों की आवाजाही के लिए एक प्रमुख कॉरिडोर माना जाता है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने बार-बार इस रूट पर खतरनाक मोड़, भारी ढलान और भारी वाहनों के लिए विशेष सुरक्षा लेन के अभाव का मुद्दा उठाया है। इस ताजा हादसे के बाद स्थानीय जनता में राजमार्ग के बुनियादी ढांचे और भारी वाहनों की नियमित फिटनेस जांच में बरती जाने वाली प्रशासनिक लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
तकनीकी जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल: नेशनल ऑयल कंपनी ने गठित की जांच समिति
हादसे की गंभीरता को देखते हुए 'ईरान की नेशनल ऑयल प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी' (NIOPDC) ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए एक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा कि यद्यपि प्रारंभिक रिपोर्ट में ब्रेक फेल होने को दुर्घटना की वजह बताया जा रहा है, लेकिन इसे अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। टैंकर के स्वामित्व, उसके रखरखाव के रिकॉर्ड, परिवहन परमिट और हादसे के समय चालक की गति सीमा की गहन पड़ताल के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ तकनीकी समिति गठित कर दी गई है।
ईरान में सड़क हादसों की दर अंतरराष्ट्रीय मानकों की तुलना में काफी ऊंची रही है, जिसके पीछे पुराने वाहन बेड़े, पहाड़ों पर घटिया सड़क डिजाइन और तकनीकी खामियों को मुख्य कारण माना जाता है। इस हादसे के बाद पश्चिमी प्रांतों के यातायात पुलिस मुख्यालय ने सभी भारी पेट्रोलियम और गैस टैंकरों के लिए सख्त गति सीमा, अनिवार्य ब्रेक इंस्पेक्शन और रात के समय खतरनाक घाटियों में विशेष सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू करने की घोषणा की है।