Silver Gold Price Today: एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार में फिसले सोना-चांदी, जानिए आगे कैसी रहेगी कीमती धातुओं की चाल
वैश्विक कमोडिटी बाजारों में कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को कीमती धातुओं के भाव में सुस्ती और मुनाफावसूली का रुख देखने को मिला है। एशियाई बाजारों के शुरुआती सत्र में हाजिर सोना (Spot Gold) और चांदी (Silver) दोनों ही लाल निशान में फिसलते नजर आए। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स (COMEX) पर सोना दबाव में आकर 4,135 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी भी फिसलकर 56.50 से 57.10 डॉलर प्रति औंस के दायरे में आ गई है। सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बने रहने के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी और अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने सर्राफा बाजार पर तात्कालिक दबाव बनाया है।
भारतीय बाजारों के लिहाज से आज विजयादशमी (दशहरा) के सार्वजनिक अवकाश के चलते मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) का सुबह का कारोबारी सत्र बंद है, जबकि शाम का सत्र शाम 5:00 बजे खुलेगा। ऐसे में घरेलू बाजार के सराफा व्यापारियों और खुदरा खरीदारों की नजरें वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई हैं। त्योहारी सीजन—विशेषकर धनतेरस और दिवाली—के मुहाने पर खड़े भारतीय ग्राहकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आई यह नरमी क्या खरीदारी का सुनहरा मौका है या आने वाले दिनों में कीमतें और नीचे फिसल सकती हैं।
एशियाई बाजारों में गिरावट की मुख्य वजह: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और डॉलर का दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में आई हालिया नरमी के पीछे सबसे बड़ा ट्रिगर अमेरिकी डेट मार्केट से आ रहा है। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.14% के उच्च स्तर पर टिकी हुई है, जबकि 2-वर्षीय यील्ड भी 4.77% के पार बनी हुई है। जब बॉन्ड यील्ड में उछाल आता है, तो निवेशकों का रुझान बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों (Non-Yielding Assets) जैसे सोने और चांदी से हटकर फिक्स्ड यील्ड बॉन्ड्स की ओर बढ़ता है।
इसके साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले बाजार में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऊर्जा कीमतों में आई स्थिरता के बावजूद अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अभी भी नीति निर्माताओं को सतर्क रखे हुए हैं। डॉलर इंडेक्स (DXY) 101.80 से 102 के मजबूत दायरे में टिके रहने के कारण अन्य मुद्राओं वाले देशों के खरीदारों के लिए डॉलर में बिकने वाला सोना महंगा पड़ता है, जिसके चलते एशियाई बाजारों (हांगकांग, शंघाई और टोक्यो) में सुबह के समय बड़े हेज फंड्स ने हल्की मुनाफावसूली की है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख कमोडिटी के ताजा भाव
मंगलवार के शुरुआती एशियाई और विदेशी सत्र में कीमती और औद्योगिक धातुओं के ताजा संकेत इस प्रकार दर्ज किए गए:
| धातु / कमोडिटी | अंतरराष्ट्रीय हाजिर भाव (Spot/Comex) | दैनिक बदलाव (%) | भारतीय बाजार (MCX) पर अनुमानित संकेत |
| सोना (Gold XAU/USD) | $4,134 - $4,136 / औंस | -0.15% से -0.20% | शाम 5 बजे सत्र में मामूली सुस्ती के आसार |
| चांदी (Silver XAG/USD) | $56.55 - $57.10 / औंस | -0.10% से -0.50% | औद्योगिक मांग के चलते निचला सपोर्ट मजबूत |
| प्लैटिनम (Platinum) | $1,637 - $1,650 / औंस | -0.65% | रेंजबाउंड ट्रेंड |
| डॉलर इंडेक्स (DXY) | 101.87 | +0.12% | बुलियन पर दबाव का मुख्य कारक |
| अमेरिकी 10-वर्षीय यील्ड | 5.144% | +4 बेसिस प्वाइंट्स | बॉन्ड बाजार में मजबूती |
घरेलू बाजार में आज क्या स्थिति: दशहरा अवकाश और MCX का शाम का सत्र
भारतीय वायदा बाजार यानी एमसीएक्स (MCX) पर आज मंगलवार को दिन के पहले सत्र (सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक) में कारोबार पूरी तरह स्थगित है। हालांकि, विदेशी बाजारों से तालमेल बनाए रखने के लिए कमोडिटी एक्सचेंज शाम को 5:00 बजे से रात 11:30/11:55 बजे तक ट्रेडिंग के लिए खुलेगा।
घरेलू सराफा मंडियों (जैसे दिल्ली, मुंबई के जवेरी बाजार, लखनऊ और अहमदाबाद) में स्थानीय खुदरा व्यापारी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के आधार पर ही आज के भाव तय करेंगे। आमतौर पर जब डॉलर मजबूत होता है और भारतीय रुपया कमजोर रहता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी गिरावट घरेलू कीमतों में नहीं झलकती। वर्तमान में घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोना ऊपरी स्तरों से थोड़ा शांत होकर ₹1,44,000 से ₹1,45,500 प्रति 10 ग्राम के बीच स्थिर होने की कोशिश कर रहा है, जबकि चांदी ₹1.70 लाख से ₹1.75 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास सपोर्ट तलाश रही है।
आगे कैसी रह सकती है चाल: सपोर्ट लेवल्स और टेक्निकल आउटलुक
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि सोने में आई यह गिरावट किसी बड़ी मंदी का संकेत नहीं है, बल्कि यह हालिया तेजी के बाद आने वाला एक स्वस्थ करेक्शन (Healthy Correction) है। तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो:
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सोने का अहम सपोर्ट जोन: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के लिए पहला बड़ा सपोर्ट $4,100 से $4,110 प्रति औंस पर है। यदि कीमतें इस स्तर से नीचे फिसलती हैं, तो अगला मजबूत तकनीकी आधार $4,050 के आसपास देखने को मिलेगा। ऊपरी स्तर पर $4,200 का दायरा एक मजबूत रेसिस्टेंस (Resistance) बना हुआ है। जब तक सोना $4,100 के ऊपर बना रहता है, मध्यम अवधि का रुझान सकारात्मक बना रहेगा।
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चांदी की चाल: चांदी में सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तरफ से मजबूत ढांचागत औद्योगिक मांग बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, $55.00 प्रति औंस का स्तर चांदी के लिए एक मजबूत सुरक्षा दीवार (Rock-bottom Support) का काम करेगा।
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सेंट्रल बैंकों की निरंतर खरीद: भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक डी-डॉलराइजेशन के दौर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना और अन्य वैश्विक केंद्रीय बैंक लगातार अपने फॉरेक्स रिजर्व में सोना जोड़ रहे हैं। यह संस्थागत मांग सोने को किसी भी बड़ी गिरावट से सुरक्षा देती है।
त्योहारी सीजन में खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
दीपावली और धनतेरस के पावन अवसर पर सोने-चांदी की खरीदारी को भारतीय संस्कृति में अत्यंत शुभ माना जाता है। इस समय बाजार में मौजूद नरमी खुदरा खरीदारों के लिए एक बेहतर अवसर साबित हो सकती है:
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शादी-ब्याह और आभूषण खरीदार: जो परिवार आगामी वैवाहिक सीजन के लिए गहने बनवाना चाहते हैं, उनके लिए भावों में हर 1,000 से 1,500 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट एक बेहतरीन मौका है। सारा बजट एक साथ खर्च करने के बजाय टुकड़ों में (Staggered Buying) खरीदारी करें। हमेशा केवल बीआईएस हॉलमार्क (BIS Hallmark 6 Digit HUID) वाले प्रमाणित गहने ही खरीदें।
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शुद्ध निवेशक (डिजिटल गोल्ड व गोल्ड ETF): यदि आप केवल रिटर्न और वेल्थ प्रोटेक्शन के लिए निवेश कर रहे हैं, तो फिजिकल ज्वैलरी में मेकिंग चार्ज और जीएसटी (GST) का अतिरिक्त बोझ उठाने के बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB - सेकेंडरी मार्केट) को प्राथमिकता दें। इसमें 3% जीएसटी और 15-20% मेकिंग चार्ज की सीधी बचत होती है।
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फ्यूचर्स ट्रेडर्स के लिए सलाह: जब तक अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में स्थिरता नहीं आती और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर तस्वीर साफ नहीं होती, तब तक बड़े आक्रामक लॉन्ग सौदों से बचें। गिरावट पर स्टॉप-लॉस के साथ बाय-ऑन-डिप्स की रणनीति ही मौजूदा बाजार में सबसे सुरक्षित रास्ता है।