Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, दिल्ली में ₹1,50,860 पर 24 कैरेट; वैश्विक कीमत एक सप्ताह में 1.3% मजबूत
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में सुरक्षित निवेश (Safe-Haven Demand) की जोरदार मांग और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा डॉलर के मुकाबले सोने की आक्रामक खरीदारी के बीच भारतीय सर्राफा बाजारों में पीली धातु की चमक और बढ़ गई है। शनिवार, 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के खुदरा व थोक सर्राफा बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव बढ़कर ₹1,50,860 प्रति 10 ग्राम (लगभग ₹15,086 प्रति ग्राम) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। वहीं जेवराती मांग के लिए सबसे अधिक बिकने वाला 22 कैरेट सोना ₹1,38,300 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर देखा गया। विदेशी बाजारों में कॉमेक्स (COMEX) और लंदन बुलियन मार्केट में सोने के हाजिर भाव में पिछले एक सप्ताह के दौरान 1.3 प्रतिशत की उल्लेखनीय मजबूती दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों और त्योहारी सीजन की घरेलू मांग ने घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को ऐतिहासिक ऊंचाई पर बनाए रखा है।
दिल्ली और प्रमुख महानगरों में आज 24K, 22K और 18K सोने के ताजा भाव
भारतीय सर्राफा संघ और प्रमुख बुलियन व्यापारियों द्वारा जारी दरों के अनुसार, आज देश के बड़े शहरों में प्रति 10 ग्राम सोने की कीमतें इस प्रकार दर्ज की गईं:
| शहर / महानगर | 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) | 18 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) |
| नई दिल्ली | ₹1,50,860 | ₹1,38,300 | ₹1,13,150 |
| मुंबई | ₹1,50,710 | ₹1,38,150 | ₹1,13,030 |
| कोलकाता | ₹1,50,710 | ₹1,38,150 | ₹1,13,030 |
| चेन्नई | ₹1,50,710 | ₹1,38,150 | ₹1,13,030 |
| लखनऊ | ₹1,50,860 | ₹1,38,300 | ₹1,13,150 |
| कानपुर | ₹1,50,810 | ₹1,38,250 | ₹1,13,100 |
नोट: स्थानीय आभूषण विक्रेताओं के यहां मेकिंग चार्ज (Making Charges) और 3% वस्तु एवं सेवा कर (GST) जुड़ने के बाद तैयार आभूषणों की अंतिम खुदरा कीमत में थोड़ा अंतर हो सकता है।
वैश्विक बाजारों में 1.3% की साप्ताहिक तेजी: क्यों उछल रही हैं कीमतें?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में एक सप्ताह के भीतर 1.3 फीसदी की तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और मैक्रो-इकोनॉमिक कारण सक्रिय हैं:
-
भू-राजनीतिक संकट और सेफ-हेवन खरीदारी: पश्चिम एशिया और लाल सागर क्षेत्र में निरंतर तनाव के कारण वैश्विक निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों (इक्विटी) से पूंजी निकालकर सोने जैसे सुरक्षित ठिकाने में निवेश कर रहे हैं।
-
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी: अमेरिकी डॉलर सूचकांक और ट्रेजरी यील्ड में हालिया सुस्ती के चलते गैर-ब्याज वाली संपत्तियों (जैसे गोल्ड और सिल्वर) के प्रति संस्थागत खरीदारों का आकर्षण तेजी से बढ़ा है।
-
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की अनवरत खरीदारी: पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना, बैंक ऑफ पोलैंड और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) समेत कई केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए डॉलर के स्थान पर भौतिक सोने का भंडार लगातार बढ़ा रहे हैं।
-
घरेलू त्योहारी व वैवाहिक मांग: भारत में धनतेरस, दीपावली और आगामी शादी-ब्याह के सीजन के चलते सर्राफा कारोबारियों और रिटेल खरीदारों की ओर से भौतिक मांग चरम पर पहुंच चुकी है, जिससे घरेलू प्रीमियम में मजबूती आई है।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट में अंतर: खरीदारी से पहले समझें हॉलमार्किंग नियम
सोने के गहने या सिक्के खरीदते समय शुद्धता और हॉलमार्किंग का ध्यान रखना अनिवार्य है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के नियमों के अनुसार देश में केवल 6 अंकों वाले HUID (हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन) कोड वाले आभूषणों की ही बिक्री वैध है:
-
24 कैरेट (99.9% शुद्ध): इसका हॉलमार्क अंक 999 होता है। यह सबसे शुद्ध सोना होता है, जिसका उपयोग मुख्य रूप से सोने की गिन्नी (Coins), बिस्किट और बार बनाने में होता है। यह अत्यंत कोमल होता है, इसलिए इससे जटिल डिजाइन वाले जेवर नहीं बनाए जा सकते।
-
22 कैरेट (91.6% शुद्ध): इसका हॉलमार्क अंक 916 होता है। इसमें 91.6% शुद्ध सोना और शेष तांबा, चांदी या जस्ता मिलाया जाता है ताकि गहनों में आवश्यक मजबूती आ सके। पारंपरिक भारतीय शादियों के जेवर इसी में बनते हैं।
-
18 कैरेट (75.0% शुद्ध): इसका हॉलमार्क अंक 750 होता है। हीरे और महंगे रत्नों से जड़े आभूषण (Diamond-studded Jewellery) बनाने के लिए 18 कैरेट सोना सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यह सख्त होता है और पत्थरों को मजबूती से जकड़े रखता है।
निवेशकों और खरीदारों के लिए एक्सपर्ट्स की सलाह
कमोडिटी विश्लेषकों का मानना है कि तकनीकी चार्ट पर सोने ने एक मजबूत बुलिश ब्रेकआउट बनाए रखा है। जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी रहेंगी, तब तक सोने में किसी बड़ी गिरावट की संभावना कम है। हालांकि, रिटेल खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे भौतिक आभूषणों के अतिरिक्त डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) जैसे विकल्पों पर भी विचार करें, जहां मेकिंग चार्ज और अशुद्धता की कोई कटौती नहीं होती और पूरा रिटर्न सीधे बाजार की चाल से जुड़ा रहता है। लखनऊ के अमीनाबाद, चौक, दिल्ली के कूचा महाजनी (चांदनी चौक) और कानपुर के नयागंज सर्राफा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि ऊंचे दामों के बावजूद आगामी धनतेरस पर टोकन खरीदारी और हल्के वजन के डिजाइनर आभूषणों की बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिलेगा।