जमशेदपुर में गरजा बुलडोजर टाटानगर स्टेशन के पास 32 दुकानें ध्वस्त, स्टेशन पुनर्विकास के लिए हटाया गया अतिक्रमण

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News India Live, Digital Desk : टाटानगर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए चल रहे पुनर्विकास (Redevelopment) कार्यों के तहत रेलवे की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। प्रशासन ने स्टेशन से कीताडीह की ओर जाने वाली सड़क पर मौजूद दुकानों को हटाने के लिए 3 बुलडोजर (JCB) का इस्तेमाल किया।

कार्रवाई के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

वजह: टाटा-कीताडीह मुख्य मार्ग को चौड़ा करना और स्टेशन लॉबी का विस्तार। रेलवे यहाँ एक नया गोलचक्कर और पार्किंग जोन बनाने की योजना पर काम कर रहा है।

हाईकोर्ट का आदेश: झारखंड हाईकोर्ट ने 22 जनवरी को दुकानदारों को एक महीने की मोहलत दी थी, जिसकी समय सीमा समाप्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई।

इन इलाकों में चला बुलडोजर: कीताडीह रोड, खासमहल और गोलपहाड़ी के आसपास की दुकानें और गुमटियां हटाई गईं।

सुरक्षा: किसी भी विरोध से निपटने के लिए टाटानगर आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और स्थानीय बागबेड़ा पुलिस के साथ भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहे।

दुकानदारों का विरोध और दर्द

कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार और उनके परिवार के सदस्य भावुक नजर आए।

वैकल्पिक स्थान की मांग: दुकानदारों का दावा है कि हाईकोर्ट ने रेलवे को 42 दिनों के भीतर विस्थापितों के लिए वैकल्पिक जमीन चिह्नित करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक उन्हें कोई जगह नहीं दी गई।

समय से पहले तैयारी: प्रशासन ने बुधवार शाम को ही लाउडस्पीकर से घोषणा कर दी थी, जिससे अधिकांश दुकानदारों ने अपना कीमती सामान पहले ही निकाल लिया था।

टाटानगर स्टेशन का नया स्वरूप

लगभग ₹350 करोड़ की लागत से टाटानगर स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अतिक्रमण हटने के बाद अब यहाँ:

स्टेशन के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग लेन बनाई जाएंगी।

यात्रियों के लिए बड़ा वेटिंग एरिया और ग्रीन पार्क विकसित होगा।

बर्मामाइंस ओवरब्रिज से आने वाले वाहनों के लिए सड़क चौड़ी होगी।

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