Punjab : हर विशेष छात्र के लिए अपना परीक्षा केंद्र हरजोत बैंस का बड़ा फैसला 2,804 सेंटरों पर अकेला छात्र लिखेगा पेपर
News India Live, Digital Desk: शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के अनुसार, पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो रहे 6,695 दिव्यांग/विशेष योग्यजन छात्रों के लिए कुल 3,255 विशेष परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को बिना किसी दबाव या परेशानी के परीक्षा देने का अवसर प्रदान करना है।
इस विशेष पहल की 5 प्रमुख बातें (Key Highlights)
सिंगल स्टूडेंट सेंटर: कुल 3,255 केंद्रों में से 2,804 केंद्र विशेष रूप से ऐसे हैं, जहाँ केवल एक छात्र बैठकर परीक्षा देगा। यह उन छात्रों के लिए है जिन्हें एकांत और विशेष ध्यान की आवश्यकता है।
पर्सनलाइज्ड एनवायरनमेंट: इन केंद्रों को छात्र की विशेष जरूरतों (जैसे सुनने, देखने या चलने में समस्या) के अनुसार अनुकूलित किया गया है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें।
अतिरिक्त सुविधाएं: 'राइट्स ऑफ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज एक्ट, 2016' के तहत इन छात्रों को लेखक (Scribe), प्रति घंटा 20 मिनट का अतिरिक्त समय, और भूतल (Ground Floor) पर बैठने की व्यवस्था दी गई है।
शांतिपूर्ण माहौल: विचलित होने (Distraction) से बचाने के लिए शांत कमरों और बड़े प्रिंट वाले प्रश्न पत्रों (Large Print Papers) की व्यवस्था भी की गई है।
व्यापक कवरेज: यह नेटवर्क दिव्यांगता की 11 अलग-अलग श्रेणियों को कवर करता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।
बोर्ड परीक्षा 2026 का पूरा खाका (Overall Exam Setup)
शिक्षा मंत्री ने बताया कि केवल विशेष छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य में परीक्षाओं को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं:
कुल परीक्षा केंद्र: पूरे पंजाब में 6,792 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं (कक्षा 8वीं के लिए 2,307, 10वीं के लिए 2,367 और 12वीं के लिए 2,118)।
MATQ ऐप: प्रश्नपत्रों की रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए पहली बार MATQ App लॉन्च किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या लीक की संभावना न रहे।
सुरक्षा और निगरानी: 384 फ्लाइंग स्क्वॉड और धारा 144 के सख्त पालन के साथ नकल मुक्त परीक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग: मंत्री ने यह भी साझा किया कि पंजाब 2026 की परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए 'डिजिटल इवैल्यूएशन' (On-screen Marking) शुरू करने वाले शुरुआती राज्यों में से एक बन गया है।
शिक्षा मंत्री का संदेश
“परीक्षाएं ज्ञान का उत्सव हैं। मैं सभी छात्रों से आग्रह करता हूँ कि वे बिना किसी डर के, पूरे आत्मविश्वास और ईमानदारी के साथ परीक्षा में बैठें। हमारी सरकार हर छात्र को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।”