मृत्यु के बाद आधार कार्ड कैसे बंद करें UIDAI के नए नियम और ऑनलाइन प्रक्रिया Step-by-Step Guide 2026
News India Live, Digital Desk: UIDAI के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृतकों के आधार नंबर निष्क्रिय किए जा चुके हैं। आधार को डिएक्टिवेट करने से मृतक के नाम पर फर्जी बैंक खाते खोलने, गलत तरीके से सब्सिडी या पेंशन लेने जैसी गतिविधियों पर रोक लगती है।
आधार डिएक्टिवेट करने की ऑनलाइन प्रक्रिया (Online Process)
UIDAI ने 'Reporting of Death of a Family Member' नाम से एक नई सुविधा पोर्टल पर जोड़ी है।
myAadhaar पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं।
लॉगिन करें: परिवार का कोई भी सदस्य (जैसे पति/पत्नी, बच्चे या कानूनी वारिस) अपने खुद के आधार नंबर और ओटीपी (OTP) के जरिए लॉगिन करे।
विकल्प चुनें: डैशबोर्ड पर मौजूद 'Report Death of a Family Member' विकल्प पर क्लिक करें।
मृतक का विवरण भरें: यहाँ आपको मृतक का आधार नंबर, नाम, जन्म तिथि और मृत्यु की तारीख दर्ज करनी होगी।
मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate): नगर निगम या रजिस्ट्रार द्वारा जारी 'डेथ सर्टिफिकेट' और मृत्यु पंजीकरण संख्या (Registration Number) की स्कैन कॉपी (PDF/JPEG) अपलोड करें।
संबंध सत्यापित करें: रिपोर्ट करने वाले व्यक्ति को मृतक के साथ अपना संबंध बताना होगा और अपनी पहचान की पुष्टि करनी होगी।
सबमिशन: जानकारी की जांच के बाद 'Submit' बटन दबाएं। सत्यापन (Verification) के बाद 90 दिनों के भीतर आधार नंबर को सिस्टम में "Deactivated due to death" के रूप में मार्क कर दिया जाएगा।
ऑफलाइन प्रक्रिया (Offline Mode)
यदि आप ऑनलाइन प्रक्रिया में सहज नहीं हैं, तो:
अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र (ASK) पर जाएं।
मृतक के आधार कार्ड की मूल प्रति और मृत्यु प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी साथ ले जाएं।
केंद्र पर निर्धारित फॉर्म भरकर दस्तावेजों के साथ जमा करें।
महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए
नंबर कभी दोबारा अलॉट नहीं होता: आधार नंबर एक स्थायी पहचान है। किसी की मृत्यु के बाद वह नंबर किसी अन्य व्यक्ति को कभी भी जारी नहीं किया जाता।
बायोमेट्रिक्स लॉक करना: यदि आप तुरंत आधार डिएक्टिवेट नहीं कर पा रहे हैं, तो सुरक्षा के लिहाज से मृतक के बायोमेट्रिक्स को पोर्टल के जरिए 'Lock' कर देना चाहिए।
कोई समय सीमा नहीं: मृत्यु के कितने दिन बाद रिपोर्ट करना है, इसकी कोई सख्त समय सीमा नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी से बचने के लिए इसे जल्द से जल्द करना उचित है।
फिजिकल कार्ड का क्या करें? मृतक के फिजिकल आधार कार्ड को सरेंडर करने की कोई अनिवार्य कानूनी बाध्यता नहीं है, लेकिन इसे डिएक्टिवेट कराने के बाद सुरक्षित रूप से नष्ट किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न: क्या आधार कार्ड अपने आप बंद हो जाता है? उत्तर: नहीं, सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के माध्यम से कुछ राज्यों में डेटा अपने आप साझा होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में परिवार को पोर्टल के जरिए रिपोर्ट करना अनिवार्य है।
प्रश्न: क्या मृत व्यक्ति का आधार बैंक खातों के लिए जरूरी है? उत्तर: मृत व्यक्ति के बैंक खाते बंद करने या नॉमिनी क्लेम (Settlement) के लिए आधार की आवश्यकता हो सकती है, इसलिए आधार बंद करने से पहले बैंक संबंधी सभी कार्य निपटा लें।