ट्राइसिटी को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति केंद्र ने रिंग रोड प्रोजेक्ट के लिए ₹1,464 करोड़ किए मंजूर
News India Live, Digital Desk : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से घोषणा की कि पंजाब में NH-205A के अंबाला-चंडीगढ़ सेक्शन को जीरकपुर बाईपास से जोड़ने के लिए 10.3 किलोमीटर लंबे, 6-लेन वाले 'ग्रीनफील्ड स्पर' (Greenfield Spur) के निर्माण को मंजूरी दी गई है। यह कॉरिडोर ट्राइसिटी रिंग रोड का एक महत्वपूर्ण missing link था, जिसके बनने से अंतरराज्यीय ट्रैफिक को शहरों के अंदर आने की जरूरत नहीं होगी।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं (Key Features)
लागत: ₹1,463.95 करोड़।
डिजाइन: 6-लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (पूरी तरह नए रास्ते पर निर्माण)।
कनेक्टिविटी: यह अंबाला-चंडीगढ़ एक्सप्रेसवे को जीरकपुर बाईपास से जोड़ेगा।
समय सीमा: टेंडर अलॉट होने के बाद अगले 18 महीनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
ढांचा: इसमें घग्गर नदी पर दो बड़े पुल, दो बड़े इंटरचेंज और 14 अंडरपास बनाए जाएंगे ताकि बिना किसी रुकावट के वाहन चल सकें।
ट्राइसिटी और पंजाब को क्या होंगे फायदे?
भीड़भाड़ में कमी (Decongestion): वर्तमान में दिल्ली, अंबाला या पटियाला से हिमाचल (शिमला) जाने वाला ट्रैफिक जीरकपुर और चंडीगढ़ के बीच फंस जाता है। इस नए मार्ग से भारी वाहन और टूरिस्ट बसें शहर के बाहर से ही निकल जाएंगी।
हिमाचल की राह होगी आसान: चंडीगढ़ और दिल्ली से शिमला जाने वाले यात्रियों के लिए सफर काफी तेज और सुगम हो जाएगा।
NH-44 और NH-152 पर लोड कम: यह नया मार्ग नेशनल हाईवे 44 (दिल्ली-अमृतसर) और NH-152 के ट्रैफिक दबाव को काफी हद तक कम कर देगा।
प्रदूषण और दुर्घटनाओं में कमी: शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश कम होने से वायु प्रदूषण का स्तर गिरेगा और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा।
आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से मोहाली और जीरकपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स और व्यापार को गति मिलेगी।
अश्वनी शर्मा का बयान
पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इसे 'ऐतिहासिक उपहार' बताते हुए कहा:
“यह प्रोजेक्ट न केवल ट्राइसिटी के लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, बल्कि पंजाब की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। मोदी सरकार पंजाब के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और 'डबल इंजन' की सरकार बनने पर विकास की यह रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।”