सब्जी-दाल से हो गए हैं बोर? 5 मिनट में बनाएं अमरूद की ऐसी चटनी कि पड़ोसी भी रेसिपी पूछने आएंगे
News India Live, Digital Desk : सर्दियों का मौसम हो और घर में अमरूद (Guava) न आएं, ऐसा तो हो ही नहीं सकता। अब तक हम और आप धूप में बैठकर काले नमक के साथ अमरूद खाने का मज़ा लेते आए हैं। लेकिन सच बताऊं? अमरूद सिर्फ़ फल के तौर पर खाने के लिए नहीं है। अगर आपने आज तक इसकी चटनी ट्राई नहीं की, तो समझ लीजिये आपने स्वाद का एक बड़ा खजाना मिस कर दिया है।
आज हम बात करेंगे अमरूद की उस 'खट्टी-मीठी-तीखी' चटनी की, जो किसी भी बोरिंग खाने में जान डाल देती है। यकीन मानिए, इसे बनाना इतना आसान है कि कोई बच्चा भी बना ले, और स्वाद ऐसा कि बड़े-बड़े फाइव स्टार होटलों की डिप (Dip) भी फेल हो जाए।
वो 'सीक्रेट' जो इसे लाजवाब बनाता है
अमरूद की चटनी तो बहुत लोग बनाते हैं, लेकिन अक्सर वो गलती करते हैं अमरूद के चयन में। सबसे ज़रूरी बात—इस रेसिपी के लिए न तो बहुत कच्चा (हरा) अमरूद लें और न ही बहुत ज्यादा गला हुआ। हमें चाहिए अधपका (Semi-ripe) अमरूद, जो थोड़ा पीला हो पर दबाने पर बहुत नरम न हो। यही इस चटनी के परफ़ेक्ट टेक्सचर का राज है।
चलिए, इसे बनाते हैं देसी अंदाज़ में
इस चटनी की खासियत यह है कि इसमें सभी 'रस' मिलते हैं। तीखापन मिर्च से, ताज़गी धनिया से, और मिठास खुद अमरूद से।
- सबसे पहले तैयारी: अमरूद को अच्छे से धोकर उसके टुकड़े कर लें। यहाँ एक छोटी सी टिप है—अगर आपको चटनी बिल्कुल स्मूथ (मलाई जैसी) चाहिए, तो अमरूद के बीज निकाल दें। बीज निकालने से चटनी खाने में मुंह में नहीं अटकती।
- जार में डालें: मिक्सर जार में अमरूद के टुकड़े, ढ़ेर सारा हरा धनिया, 2-3 हरी मिर्च और एक इंच अदरक का टुकड़ा डालें।
- असली स्वाद का जादू: अब बारी है मसालों की। इसमें सादा नमक के साथ-साथ काला नमक जरूर डालें (यही गेम चेंजर है)। साथ में भुना हुआ जीरा पाउडर और थोड़ी सी हींग।
- खट्टा-मीठा ट्विस्ट: अमरूद की मिठास को बैलेंस करने के लिए इसमें आधा नींबू निचोड़ें। अगर आपको थोड़ा और मीठा पसंद है, तो एक छोटा टुकड़ा गुड़ का डाल दें। यह चटनी के तीखेपन को एक अलग ही लेवल पर ले जाता है।
- ब्लेंड और सर्व: अब इसे मिक्सी में घुमाएं। ज़रूरत लगे तो एक चम्मच पानी डालें।
लो जी! तैयार है आपकी अमरूद की लजीज चटनी।
इसे किसके साथ खाएं?
सच कहें तो आप इसे रूखा भी चाट-चाट कर खा जाएंगे। लेकिन इसका असली मज़ा गरमा-गरम आलू के परांठे, कचौड़ी या फिर सादी दाल-चावल के साथ आता है। यह आपके पेट के लिए भी बहुत अच्छी होती है क्योंकि इसमें अमरूद का फाइबर और जीरे-हींग का पाचन गुण होता है।
तो अगली बार जब बाज़ार से अमरूद लाएं, तो दो-चार पीस बचाकर फ्रिज में रख लें और लंच या डिनर में ये नया प्रयोग जरूर करें। घर वाले तारीफ करते नहीं थकेंगे!