Body Twitching Signs : अंग फड़कने का क्या है मतलब? शरीर के ये संकेत देते हैं आने वाली खुशखबरी या मुसीबत की दस्तक
News India Live, Digital Desk: अक्सर अचानक हमारी आंख, हाथ या शरीर का कोई अन्य हिस्सा फड़कने लगता है। विज्ञान इसे मांसपेशियों की ऐंठन या थकान मान सकता है, लेकिन भारतीय समुद्र शास्त्र (Samudrika Shastra) के अनुसार, शरीर के अंगों का फड़कना भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक सीधा संदेश होता है। कुछ अंगों का फड़कना जहां अपार धन और सफलता का संकेत देता है, वहीं कुछ का फड़कना आने वाली विपदा की चेतावनी हो सकता है। आइए जानते हैं शरीर के अंगों के फड़कने से जुड़े ये रोचक शुभ-अशुभ संकेत।
आंखों का फड़कना: पुरुष और महिला के लिए अलग हैं मायने
शकुन शास्त्र में आंखों के फड़कने को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। लेकिन इसके परिणाम स्त्री और पुरुष के लिए भिन्न होते हैं:
पुरुष: यदि पुरुष की दाईं (Right) आंख फड़कती है, तो यह बेहद शुभ है। यह कार्यक्षेत्र में प्रगति या धन लाभ का संकेत है। इसके विपरीत, बाईं आंख का फड़कना अशुभ माना जाता है।
महिला: महिलाओं के मामले में यह बिल्कुल उल्टा है। महिलाओं की बाईं (Left) आंख का फड़कना शुभ समाचार और सौभाग्य लाता है, जबकि दाईं आंख का फड़कना किसी विवाद का संकेत हो सकता है।
होंठों का फड़कना: प्रियजन से मिलन की सूचना
यदि आपके होंठ अचानक फड़कने लगें, तो खुश हो जाइए। समुद्र शास्त्र के अनुसार, होंठों का फड़कना इस बात की ओर इशारा करता है कि आपके जीवन में किसी नए और प्रिय व्यक्ति का आगमन होने वाला है। इसके साथ ही यह स्वादिष्ट भोजन और मधुर संवाद की प्राप्ति का भी सूचक माना जाता है।
हाथ और कंधे का फड़कना: बढ़ेगा मान-सम्मान
बाजू का फड़कना: यदि आपकी दाईं बाजू फड़कती है, तो आपको मान-सम्मान और धन की प्राप्ति हो सकती है। वहीं बाईं बाजू का फड़कना खोई हुई वस्तु के वापस मिलने का संकेत है।
कंधे का फड़कना: दायां कंधा फड़कना जीत या सफलता का प्रतीक है, जबकि बाएं कंधे का फड़कना किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी की चेतावनी हो सकता है।
मस्तक (माथा) और तलवों का फड़कना
माथा: यदि मस्तक के बीचों-बीच फड़कन महसूस हो, तो यह बड़ी नौकरी या प्रशासनिक लाभ मिलने का संकेत है।
तलवे: पैर के तलवों का फड़कना यात्रा के योग बनाता है। यदि दायां तलवा फड़के तो यात्रा सुखद और लाभदायक होती है।
अशुभ फड़कन होने पर क्या करें?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि शरीर का कोई अंग लगातार अशुभ संकेत दे रहा हो, तो घबराने के बजाय कुछ सरल उपाय करने चाहिए:
ईष्ट देव का ध्यान: अपने कुलदेवता या ईष्ट देव का स्मरण करें।
तिल का दान: थोड़ा सा काला तिल दान करने से नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।
पानी का स्पर्श: उस विशेष अंग पर थोड़ा सा ठंडा पानी लगाएं या रुई का एक छोटा सा टुकड़ा गीला करके चिपका दें।