White House के बाहर खूनी खेल: "वो पागल राक्षस था!" ट्रंप का गुस्सा फूटा, जानिए कौन है वो अफगानी हमलावर?

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अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। वहां के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाके यानी व्हाइट हाउस (White House) के बेहद करीब नेशनल गार्ड्स के जवानों पर हमला हुआ है। इस घटना ने पूरे अमेरिका को हिलाकर रख दिया है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात की जानकारी दी है और उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है। उन्होंने बताया कि व्हाइट हाउस के पास एक अफगान नागरिक ने नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को गोली मार दी। दुख की बात यह है कि इस हमले में एक युवा महिला सैनिक की जान चली गई है, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

कौन थी वो जिसे अमेरिका ने खो दिया?
ट्रंप ने बहुत भावुक होते हुए बताया कि इस हमले में 20 साल की सारा बेकस्ट्रॉम (Sarah Beckstrom) की मौत हो गई है। जरा सोचिए, सिर्फ 20 साल की उम्र! वहीं, उनके साथ मौजूद 24 साल के स्टाफ सार्जेंट एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में अपनी सांसों के लिए लड़ रहे हैं। ट्रंप ने सारा को याद करते हुए कहा कि वो एक शानदार इंसान थीं और देश के लिए एक मिसाल थीं।

"वो एक पागल जानवर है" - ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने हमलावर को सीधे तौर पर "जंगली राक्षस" (Wild Monster) कहा है। उनका कहना है कि हमलावर का नाम रहमानुल्लाह लकनवाल (29) है और वो मानसिक रूप से बीमार हो चुका था।

ट्रंप ने यहां एक बहुत बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, "युद्ध के माहौल से आने वाले लोगों के साथ अक्सर ऐसा होता है, उनका दिमाग काम करना बंद कर देता है, वो पागल हो जाते हैं।" ट्रंप ने इस हमले को सीधे तौर पर 'आतंकवादी हमला' करार दिया है।

हमलावर कोई और नहीं, अमेरिका का पुराना साथी निकला
इस कहानी में सबसे हैरान करने वाला मोड़ यह है कि हमलावर रहमानुल्लाह कोई आम शरणार्थी नहीं था। सूत्रों के मुताबिक, अफगानिस्तान छोड़ने से पहले उसने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) और वहां की सेना के साथ काम किया था। यानी जिस इंसान पर अमेरिका ने भरोसा किया, उसी ने अब अमेरिका के दिल पर वार किया है।

बाइडेन प्रशासन पर उठाया सवाल
इस हमले के बाद राजनीति भी गरमा गई है। डोनाल्ड ट्रंप ने पुरानी बाइडेन सरकार को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि बाइडेन प्रशासन की गलत नीतियों की वजह से ही ऐसे लोगों को अमेरिका में घुसने की अनुमति मिली, जिन्होंने अब देश की सुरक्षा में सेंध लगा दी है।

अब क्या होगा आगे?
कोलंबिया जिले की अटॉर्नी जीनिन पिरो ने बताया कि मामला बहुत गंभीर है। अभी तक हमलावर के मकसद का पूरी तरह पता नहीं चला है, लेकिन अगर घायल सैनिक की भी जान चली जाती है, तो उस पर 'फर्स्ट डिग्री मर्डर' का चार्ज लगेगा। फिलहाल पूरा अमेरिका उस घायल जवान की सलामती की दुआ मांग रहा है।

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