Blood Group & Cancer: आपका ब्लड ग्रुप बता सकता है कैंसर का खतरा! जानें कौन सा ग्रुप है सबसे सेफ और किसे है अधिक रिस्क
News India Live, Digital Desk: विभिन्न चिकित्सा शोधों और अध्ययनों (जैसे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध) से यह संकेत मिले हैं कि हमारे शरीर का ब्लड ग्रुप और कैंसर के खतरे के बीच एक गहरा संबंध है। लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद एंटीजन और एंटीबॉडीज का प्रकार यह तय करने में मदद करता है कि हमारा शरीर कुछ विशेष प्रकार के कैंसर के प्रति कितना संवेदनशील है।
1. ओ (O) ब्लड ग्रुप: सबसे सुरक्षित?
अध्ययनों में पाया गया है कि O ब्लड ग्रुप वाले लोगों में कैंसर का जोखिम अन्य ब्लड ग्रुप्स की तुलना में कम होता है।
अग्न्याशय (Pancreatic) कैंसर: ओ ग्रुप वालों में पैन्क्रियाटिक कैंसर का खतरा सबसे कम पाया गया है।
पेट का कैंसर: इनमें गैस्ट्रिक कैंसर की संभावना भी काफी कम होती है।
कारण: विशेषज्ञों का मानना है कि ओ ब्लड ग्रुप में कुछ ऐसे एंटीजन नहीं होते जो कैंसर कोशिकाओं को पनपने में मदद करें।
2. ए (A) ब्लड ग्रुप: पेट के कैंसर का अधिक जोखिम
जिन लोगों का ब्लड ग्रुप A है, उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहने की आवश्यकता हो सकती है।
गैस्ट्रिक कैंसर: शोध बताते हैं कि ए ग्रुप वालों में पेट के कैंसर का खतरा अधिक होता है।
संक्रमण: इस ब्लड ग्रुप के लोगों में H. pylori जैसे बैक्टीरिया के संक्रमण की संभावना अधिक होती है, जो बाद में कैंसर का कारण बन सकते हैं।
3. बी (B) और एबी (AB) ग्रुप: अग्न्याशय और अन्य जोखिम
अग्न्याशय कैंसर: ओ ग्रुप की तुलना में B और AB ब्लड ग्रुप वाले लोगों में पैन्क्रियाटिक कैंसर का जोखिम काफी बढ़ा हुआ पाया गया है।
हृदय रोग और कैंसर: एबी ब्लड ग्रुप को सबसे दुर्लभ माना जाता है, लेकिन कुछ अध्ययनों में इन्हें कुछ विशेष प्रकार के ब्लड कैंसर और हृदय रोगों के प्रति अधिक संवेदनशील बताया गया है।
वैज्ञानिक तर्क क्या है?
ब्लड ग्रुप एंटीजन केवल रक्त में ही नहीं, बल्कि पाचन तंत्र की सतह पर भी पाए जाते हैं। ये एंटीजन शरीर की सूजन (Inflammation) और इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। चूंकि कैंसर का सीधा संबंध शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता से है, इसलिए ब्लड ग्रुप यहाँ एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।