देवभूमि हिमाचल में धमाका ,पंजाब पुलिस ने खोला ऐसा गहरा राज, क्या ISI है असली मास्टरमाइंड?

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News India Live, Digital Desk: जब भी हम सुकून की बात करते हैं, तो दिमाग में सबसे पहली तस्वीर हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत और शांत वादियों की आती है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों में वहां जो हुआ, उसने न सिर्फ स्थानीय लोगों को, बल्कि पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। हिमाचल में हुए ब्लास्ट की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि पंजाब पुलिस ने एक ऐसा एंगल सामने रख दिया है, जिसे सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे।

मामला यह है कि पंजाब पुलिस को इस ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का हाथ होने का शक है।

आखिर पंजाब पुलिस को ISI पर शक क्यों?

आप सोच रहे होंगे कि धमाका हिमाचल में हुआ, तो पंजाब पुलिस को इतना पक्का शक क्यों है? इसके पीछे एक बड़ी वजह है— "पैटर्न"। पंजाब पुलिस पिछले काफी समय से सीमाओं पर चल रही हलचल पर नज़र रखे हुए है।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह हमला अनाड़ी अपराधियों का काम नहीं है। जिस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल किया गया और जिस सफाई से इसे अंजाम दिया गया, वह एक गहरी साजिश की तरफ इशारा करता है। पंजाब पुलिस का मानना है कि बब्बर खालसा (BKI), जो विदेशों में बैठकर भारत के खिलाफ साजिशें रचता है, उसे ISI का पूरा सपोर्ट मिल रहा है।

शांति भंग करने का 'पड़ोसी' प्लान

"सीधी बात यह है कि दुश्मन को भारत की शांति चुभ रही है।" जांच एजेंसियों को लगता है कि चूंकि पंजाब में सुरक्षा बहुत कड़ी कर दी गई है और वहां उनके नापाक मंसूबे कामयाब नहीं हो पा रहे, इसलिए अब वे 'सॉफ्ट टार्गेट' यानी हिमाचल जैसे शांत राज्यों को निशाना बना रहे हैं।

पंजाब पुलिस को इनपुट्स मिले हैं कि ISI स्थानीय गैंगस्टर्स और कट्टरपंथियों का इस्तेमाल करके हिमाचल में डर का माहौल पैदा करना चाहती है। इसे आप 'स्लीपर सेल्स' को जगाने की कोशिश भी कह सकते हैं।

तकनीक का खतरनाक इस्तेमाल

एक और डराने वाली बात यह सामने आ रही है कि सरहद पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजे जाने की घटनाएं बढ़ी हैं। शक है कि हिमाचल में इस्तेमाल किया गया सामान भी इसी रूट से आया हो सकता है। यह कनेक्शन पंजाब और हिमाचल के बॉर्डर इलाकों में सक्रिय नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

अब आगे क्या?

फिलहाल हिमाचल पुलिस और पंजाब पुलिस मिलकर इस गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं। केंद्रीय एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं। लेकिन एक बात साफ है— यह ब्लास्ट सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक 'चेतावनी' है। हम सब यही उम्मीद करते हैं कि हमारी सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क को जल्द से जल्द तोड़ने में कामयाब होंगी और देवभूमि की शांति फिर से लौट आएगी।

सुरक्षित रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन अपने आस-पास सतर्क जरूर रहें।