Bike Insurance Claim Guide 2026: एक्सीडेंट के बाद न हों परेशान! इन 5 आसान स्टेप्स में फाइल करें ऑनलाइन क्लेम, सीधे खाते में आएगा पैसा
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। सड़क पर एक्सीडेंट का होना किसी डरावने सपने से कम नहीं होता, लेकिन उससे भी ज्यादा तनावपूर्ण होता है इंश्योरेंस क्लेम पाने की लंबी और जटिल प्रक्रिया। अक्सर जानकारी के अभाव में लोग छोटी-मोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। साल 2026 में डिजिटल इंडिया के दौर में बाइक इंश्योरेंस क्लेम फाइल करना अब बेहद आसान हो गया है। आइए समझते हैं वह स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया, जिससे आपका समय बचेगा और पैसा समय पर मिलेगा।
1. दुर्घटना स्थल पर सुरक्षा और शुरुआती कदम
एक्सीडेंट होते ही घबराएं नहीं। सबसे पहले अपनी और दूसरों की शारीरिक स्थिति जांचें। यदि चोट लगी है, तो तुरंत मेडिकल सहायता लें।
सावधानी: बाइक को सुरक्षित किनारे खड़ा करें और इंजन बंद कर दें। यदि बाइक चलने की स्थिति में नहीं है, तो इंश्योरेंस कंपनी की 'रोडसाइड असिस्टेंस' (RSA) सेवा को कॉल करें।
2. पुलिस रिपोर्ट (FIR): कब जरूरी और कब नहीं?
हर एक्सीडेंट के लिए पुलिस स्टेशन जाना अनिवार्य नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में FIR क्लेम के लिए 'ब्रह्मास्त्र' का काम करती है:
FIR जरूरी है: यदि बाइक चोरी हुई है, किसी की मृत्यु हुई है, गंभीर चोट लगी है या किसी तीसरे व्यक्ति (Third Party) की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा है।
FIR जरूरी नहीं: यदि केवल आपकी अपनी बाइक को मामूली नुकसान पहुँचा है और किसी अन्य पक्ष के साथ कोई विवाद नहीं है।
3. इंश्योरेंस कंपनी को तुरंत सूचना (Intimation)
जैसे ही आप सुरक्षित महसूस करें, अपनी इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें।
समय सीमा: आमतौर पर दुर्घटना के 24 से 48 घंटों के भीतर सूचना देना अनिवार्य होता है।
कैसे करें: कंपनी के मोबाइल ऐप, वेबसाइट या टोल-फ्री हेल्पलाइन का उपयोग करें। अपना पॉलिसी नंबर और घटना का संक्षिप्त विवरण दें। यहाँ से आपको एक 'क्लेम नंबर' मिलेगा, जिसे भविष्य के संदर्भ के लिए नोट कर लें।
4. डिजिटल सबूत और डॉक्यूमेंटेशन
आजकल ऑनलाइन क्लेम के लिए आपके फोन से लिए गए फोटो और वीडियो सबसे बड़े सबूत माने जाते हैं:
क्या कैप्चर करें: बाइक के डैमेज पार्ट्स, नंबर प्लेट, एक्सीडेंट वाली जगह और यदि कोई दूसरा वाहन शामिल है, तो उसकी फोटो।
जरूरी कागज: बाइक की RC, आपका ड्राइविंग लाइसेंस, पॉलिसी कॉपी और रिपेयरिंग का एस्टीमेट बिल।
5. सर्वे से सेटलमेंट तक: कैशलेस या रीइंबर्समेंट?
सूचना मिलने के बाद कंपनी एक सर्वेयर (Surveyor) नियुक्त करेगी जो नुकसान का आकलन करेगा।
कैशलेस क्लेम: यदि आप कंपनी के 'नेटवर्क गैराज' में बाइक ठीक कराते हैं, तो कंपनी सीधे गैराज को भुगतान करती है। आपको सिर्फ फाइल चार्ज और डिडक्टिबल्स देने होते हैं।
रीइंबर्समेंट: यदि आप बाहर किसी गैराज में काम कराते हैं, तो पहले आपको बिल चुकाना होगा, फिर सारे ओरिजिनल बिल जमा करने पर कंपनी 7 से 30 दिनों में पैसा आपके खाते में भेज देगी।
इन 3 गलतियों से बचें, वरना रिजेक्ट हो जाएगा क्लेम
शराब पीकर ड्राइविंग: यदि एक्सीडेंट के समय चालक नशे में था, तो क्लेम कभी नहीं मिलेगा।
बिना सर्वे रिपेयर: सर्वेयर के आने से पहले बाइक का काम शुरू न करवाएं।
एक्सपायर्ड लाइसेंस: यदि आपका ड्राइविंग लाइसेंस वैलिड नहीं है, तो इंश्योरेंस कंपनी एक रुपया भी नहीं देगी।
निष्कर्ष: सावधानी ही सुरक्षा है, लेकिन यदि अनहोनी हो जाए तो सही जानकारी ही आपका सबसे बड़ा सहारा है। अपनी पॉलिसी की शर्तों (Add-ons) को पहले से पढ़कर रखें ताकि क्लेम के समय कोई नया सिरदर्द न हो।