चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिलने पर बिहार में सियासी भूचाल; लोजपा के प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मिलकर की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
बिहार की राजनीति से इस वक्त एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक दलों के कान खड़े कर दिए हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्र सरकार में मंत्री चिराग पासवान को अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। यह धमकी किसी सामान्य संदेश के जरिए नहीं, बल्कि डाक के माध्यम से आए एक अनाम पत्र के जरिए दी गई है। पत्र में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया है और आतंकवादियों का हवाला देते हुए जल्द ही खत्म करने की बात कही गई है, उसने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। घटना के सामने आते ही पटना से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है और इस बात की गहनता से जांच की जा रही है कि आखिर इस खतरनाक साजिश के पीछे किसका हाथ हो सकता है।
डाक से आए खत में लिखा था गंभीर संदेश, मंत्रालय से लेकर गृह सचिव तक तक पहुंची बात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान के आधिकारिक पते पर एक गुमनाम पत्र प्राप्त हुआ था। जब इस पत्र को खोला गया तो उसमें अंग्रेजी में सीधे तौर पर जान से मारने की धमकी लिखी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत उनके कार्यालय और मंत्रालय स्तर पर सख्त कदम उठाए गए। मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव की तरफ से केंद्रीय गृह सचिव को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की विस्तृत और उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया गया। इसके साथ ही इस गंभीर सुरक्षा खतरे की जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, दिल्ली पुलिस कमिश्नर, सीआरपीएफ के महानिदेशक और बिहार के पुलिस महानिदेशक को भी आधिकारिक तौर पर दी गई ताकि समय रहते सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठाए जा सकें।
लोजपा (रामविलास) का सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बिहार डीजीपी से मिला
इस पूरी घटना के बाद से बिहार में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी रोष और चिंता का माहौल है। इसी कड़ी में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का एक सात सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में बिहार के पुलिस महानिदेशक यानी डीजीपी से मिलने पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा और मांग की कि केंद्रीय मंत्री की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की नए सिरे से समीक्षा की जाए और उसमें तुरंत बढ़ोतरी की जाए। नेताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि चिराग पासवान लगातार जनता के बीच रहकर जनसंपर्क और राजनीतिक दौरे करते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही या चूक बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। पार्टी ने पुलिस प्रशासन से यह भी मांग की कि पत्र में जिन मोबाइल नंबरों का जिक्र किया गया है या जहां से यह पत्र भेजा गया है, उसका जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए।
पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और सर्विलांस पर रखे गए संदिग्ध मोबाइल नंबर
लोजपा नेताओं के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद पुलिस महकमे ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। बिहार के डीजीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य पुलिस इस मामले पर पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रही है। शुरुआती तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को धमकी भरे पत्र में कुछ मोबाइल नंबर हाथ लगे हैं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से सर्विलांस पर डाल दिया गया है। साइबर सेल और स्थानीय खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस खत को भेजने वाला मुख्य शख्स कौन है और क्या इसके पीछे कोई सोची-समझी राजनीतिक या आपराधिक साजिश काम कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों की पहचान कर ली जाएगी और कानून के मुताबिक उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा घेरे और आगामी राजनीतिक दौरों को लेकर बढ़ाई गई चौकसी
वर्तमान में चिराग पासवान को देश में वीआईपी सुरक्षा का एक मजबूत दायरा मिला हुआ है, लेकिन इस ताजा धमकी के सामने आने के बाद उनके सुरक्षा इंतजामों को और अधिक चाक-चौबंद करने की मांग जोर पकड़ चुकी है। चूंकि उनकी पार्टी आगामी समय में विभिन्न राज्यों में अपने सांगठनिक विस्तार और चुनावी रणनीतियों पर काम कर रही है, इसलिए उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान सुरक्षा के अति-रिक्त प्रोटोकॉल लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इस घटना ने एक बार फिर नेताओं की सुरक्षा और खुफिया तंत्र की सक्रियता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। बहरहाल, पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक अपने नेता की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क हैं और प्रशासन से यह उम्मीद लगाए बैठे हैं कि इस धमकी के पीछे छिपे असली चेहरे जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।