Bihar Rail Revolution : बिहार को मिलेगी रफ्तार की सौगात बुलेट ट्रेन के साथ ₹10,000 करोड़ का भारी निवेश

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News India Live, Digital Desk: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार बिहार के रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 2009-14 के बीच बिहार के लिए औसत रेल बजट मात्र ₹1,132 करोड़ हुआ करता था, जिसे अब बढ़ाकर ₹10,032 करोड़ कर दिया गया है। यह लगभग 9 गुना की ऐतिहासिक वृद्धि है।

1. बिहार में बुलेट ट्रेन: दिल्ली से हावड़ा वाया पटना

बिहार के लिए सबसे बड़ी खबर वाराणसी-हावड़ा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर है, जो बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगी।

रूट: यह कॉरिडोर बक्सर, आरा, पटना, गया और नवादा जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

लाभ: पटना से दिल्ली की दूरी मात्र 5 से 6 घंटे में तय की जा सकेगी। वर्तमान में इसके सर्वे और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

2. 'अमृत भारत स्टेशन' योजना: 92 स्टेशनों का कायाकल्प

बिहार के 92 रेलवे स्टेशनों को 'अमृत भारत स्टेशन' योजना के तहत विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है।

प्रमुख स्टेशन: पटना जंक्शन, गया, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, दरभंगा और भागलपुर जैसे स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं (लिफ्ट, एस्केलेटर, फ्री वाई-फाई और विशाल वेटिंग हॉल) विकसित की जा रही हैं।

उद्देश्य: स्टेशनों को शहर के 'सिटी सेंटर' के रूप में विकसित करना।

3. रेल नेटवर्क का विस्तार और आधुनिकीकरण

रेल मंत्री ने बिहार के लिए बुनियादी ढांचे के विकास का पूरा खाका पेश किया:

नई रेल लाइनें: बिहार में वर्तमान में ₹79,000 करोड़ से अधिक की रेल परियोजनाएं (नई लाइन, दोहरीकरण और गेज परिवर्तन) चल रही हैं।

100% विद्युतीकरण: बिहार का रेल नेटवर्क अब पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हो चुका है, जिससे ट्रेनों की रफ्तार बढ़ी है और प्रदूषण कम हुआ है।

फ्लाईओवर और अंडरपास: रेल फाटकों पर जाम की समस्या खत्म करने के लिए रिकॉर्ड संख्या में रोड ओवरब्रिज (ROB) और अंडरपास बनाए जा रहे हैं।

बजट तुलना: तब और अब (बिहार रेलवे)

विवरण2009-2014 (औसत)2024-2026 (औसत)वृद्धि
वार्षिक बजट आवंटन₹1,132 करोड़₹10,032 करोड़~9 गुना
नई लाइन निर्माण50 किमी/वर्ष160 किमी/वर्ष~3.2 गुना

4. वंदे भारत और अमृत भारत ट्रेनों का जाल

बिहार को जल्द ही और अधिक वंदे भारत एक्सप्रेस और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए विशेष अमृत भारत ट्रेनें मिलने वाली हैं। ये ट्रेनें विशेष रूप से पटना से कोलकाता, पटना से रांची और गया से दिल्ली के रूटों पर चलेंगी।