Bihar Politics : जिसने मां-बाप को भुला दिया, पोस्टर से लालू-राबड़ी की तस्वीर गायब होने पर क्यों भड़के तेज प्रताप?

Post

News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू परिवार का आंतरिक कलह सड़क पर आ गया है। इस बार वजह बना है एक पोस्टर, जिसमें से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की तस्वीरें गायब हैं। इस पोस्टर विवाद को लेकर लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और जन जन जागरण दल (JJD) के प्रमुख तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। तेज प्रताप ने सवाल उठाया है कि आखिर किन लोगों के कहने पर उनके माता-पिता को पोस्टरों से हटा दिया गया।

"मां-बाप को कोई कैसे भूल सकता है?"

तेज प्रताप यादव ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा, "जिसने अपने मां-बाप को ही भुला दिया, वो औरों का क्या होगा? हमारी पहचान हमारे माता-पिता से है। उन्होंने ही पार्टी को खून-पसीने से सींचा है।" उन्होंने सीधे तौर पर तेजस्वी यादव को घेरते हुए कहा कि जो लोग पोस्टर से लालू-राबड़ी की तस्वीर हटा रहे हैं, वे पार्टी को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।

तेज प्रताप ने इस पूरे मामले में तेजस्वी के सलाहकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कुछ बाहरी लोग पार्टी में आकर तेजस्वी को गलत सलाह दे रहे हैं और परिवार में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। तेजस्वी को ऐसे लोगों से बचना चाहिए।"

क्या है पोस्टर विवाद की जड़?

दरअसल, हाल ही में जन जन जागरण दल (JJD) के कुछ पोस्टर सामने आए हैं, जिनमें सिर्फ तेजस्वी यादव की बड़ी तस्वीर है। इन पोस्टरों से पार्टी के संस्थापक लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की तस्वीरें नदारद हैं। RJD की राजनीति को करीब से जानने वाले मानते हैं कि यह पार्टी पर पूरी तरह से तेजस्वी के नियंत्रण को स्थापित करने की एक कोशिश है। लेकिन तेज प्रताप यादव को यह बात बिल्कुल रास नहीं आ रही है।

RJD में दो भाइयों की लड़ाई?

यह पहली बार नहीं है जब दोनों भाइयों के बीच मतभेद खुलकर सामने आए हैं। तेज प्रताप यादव अक्सर पार्टी के फैसलों और तेजस्वी के करीबियों पर सवाल उठाते रहे हैं। वह खुद को लालू की विचारधारा का असली वारिस बताते हैं। पोस्टर से लालू-राबड़ी का चेहरा गायब होना, उन्हें अपने माता-पिता के अपमान जैसा लग रहा है, जिसे लेकर उन्होंने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।

इस नए पोस्टर विवाद ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले RJD की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एक तरफ जहां पार्टी JJD के साथ गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के अंदर ही छिड़ा यह 'पोस्टर वॉर' विरोधियों को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका दे रहा है।