Bihar Politics : शपथ के 4 दिन बाद पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे सम्राट, दी ऐसी एंट्री कि पूरा विभाग रह गया दंग
News India Live, Digital Desk : बिहार में जब सरकार बदलती है या मंत्री बदलते हैं, तो जनता की नजर सबसे ज्यादा इस बात पर होती है कि "पुलिस-प्रशासन किसके हाथ में है?" क्योंकि बिहार में सुशासन का मतलब ही है कानून का डर और जनता की सुरक्षा।
इसी कड़ी में, बिहार की सियासत में आज की तस्वीरें काफी कुछ कह रही हैं। उपमुख्यमंत्री (और अब गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे) सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने शपथ ग्रहण के 4 दिन बाद आखिरकार अपना पदभार संभाल लिया है। लेकिन उनका अंदाज एकदम 'फिल्मी' और 'दबंग' नेता वाला रहा।
आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि आज सरदार पटेल भवन (पुलिस मुख्यालय) में क्या हुआ और इसके क्या मायने हैं।
4 दिन का इंतजार और फिर ग्रैंड एंट्री
शपथ लेने के बाद 4 दिन तक लोग सोच रहे थे कि सम्राट चौधरी ऑफिस क्यों नहीं जा रहे? क्या कोई पेंच फंसा है?
लेकिन आज सारी अटकलें खत्म हो गईं। सम्राट चौधरी सीधे पटना स्थित पुलिस मुख्यालय पहुंचे। वहां पहुंचने पर उन्हें पुलिस की तरफ से 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) दिया गया।
वर्दीधारी जवानों की सलामी और बैंड की धुन के बीच सम्राट चौधरी का स्वागत हुआ। यह नज़ारा बता रहा था कि आने वाले दिनों में प्रशासन का रुख सख्त होने वाला है।
अफसरों के साथ पहली बैठक: क्या हुई बात?
पदभार संभालते ही उन्होंने डीजीपी (DGP) और अन्य आला पुलिस अधिकारियों के साथ मैराथन मीटिंग की। भले ही बंद कमरे की बातें बाहर नहीं आतीं, लेकिन उनके हाव-भाव और पुराने बयानों से साफ है कि उनका एजेंडा क्या होगा:
- अपराध पर जीरो टॉलरेंस: बिहार में हालिया दिनों में क्राइम ग्राफ को लेकर जो सवाल उठ रहे थे, उसे कंट्रोल करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
- माफिया राज का अंत: शराब माफिया हो या बालू माफिया, सम्राट चौधरी का 'हंटर' चलना तय माना जा रहा है।
मुरैठा और संकल्प
सम्राट चौधरी अपनी पगड़ी (मुरैठा) के लिए मशहूर हैं। यह पगड़ी उनके संकल्प का प्रतीक मानी जाती है। पुलिस मुख्यालय में उनकी एंट्री ने यह संदेश दे दिया है कि वो सिर्फ ऑफिस में बैठने वाले मंत्री नहीं बनेंगे, बल्कि ग्राउंड पर एक्शन दिखाएंगे।
बिहार की जनता को उनसे बहुत उम्मीदें हैं। खासकर वो लोग जो आए दिन छिनतई, रंगदारी और गुंडागर्दी से परेशान हैं। सम्राट चौधरी का यह "गार्ड ऑफ ऑनर" सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि बिहार के अपराधियों के लिए खतरे की घंटी है।
अब देखना यह है कि सलामी के बाद, पुलिस की लाठी अपराधियों पर कितनी जोर से बरसती है।