Bihar Politics : बड़ी हार पर RJD की दहाड़ भाई वीरेंद्र बोले जश्न मना लीजिए, लेकिन असली लड़ाई तो अब शुरू होगी
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में ऊंट किस करवट बैठेगा, यह कोई नहीं जानता। अभी हाल ही में आए चुनाव के नतीजों ने विपक्ष, यानी महागठबंधन को एक बड़ा झटका दिया है। इतनी बड़ी हार के बाद आमतौर पर पार्टियां हताश हो जाती हैं, नेता चुप हो जाते हैं और मंथन का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का मिजाज इस बार कुछ अलग ही नजर आ रहा है।
जहां एक तरफ एनडीए (NDA) की जीत के चर्चे हैं, वहीं दूसरी तरफ लालू यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी के नेताओं के हौसले पस्त होने का नाम नहीं ले रहे। इसका ताज़ा सबूत दिया है आरजेडी के फायरब्रांड नेता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र (Bhai Virendra) ने।
'हार से हम निराश नहीं हैं'
पटना में मीडिया से बात करते हुए भाई वीरेंद्र ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने सियासी हलकों में खलबली मचा दी है। इतनी करारी शिकस्त के बाद भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि, "चुनाव में हार-जीत तो लगी रहती है। जनता का फैसला सिर-माथे पर, लेकिन हम इससे हताश या निराश नहीं होने वाले।"
उनका कहना है कि उनकी पार्टी और उनके कार्यकर्ता अभी भी पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं। यह हार उनके मनोबल को नहीं तोड़ पाई है।
NDA को सदन में पटखनी देने का दावा
भाई वीरेंद्र यहीं नहीं रुके। उन्होंने जीत के रथ पर सवार एनडीए को खुली चुनौती दे डाली। उन्होंने दावा किया कि चुनाव के मैदान में भले ही नतीजे उनके पक्ष में न रहे हों, लेकिन विधानसभा (House) के अंदर की तस्वीर कुछ और होगी। उनका कहना है कि वे एनडीए सरकार को सदन के पटल पर घेरेंगे और वहां उन्हें हराएंगे।
यह बयान सुनने में बहुत बड़ा लगता है, क्योंकि जब सीटें कम हों तो सदन में सरकार को हराना आसान नहीं होता। लेकिन राजनीति में दांव-पेंच कब क्या रंग दिखा दें, कहा नहीं जा सकता। भाई वीरेंद्र ने इशारों-इशारों में कह दिया है कि विपक्ष अब सरकार की हर नीति, हर फैसले पर सदन के अंदर जोरदार हंगामा और सवाल जवाब करेगा।
आगे क्या?
विपक्ष का यह तेवर बताता है कि आने वाले दिनों में बिहार विधानसभा का सत्र (Assembly Session) काफी हंगामेदार होने वाला है। RJD यह संदेश देना चाहती है कि नंबर गेम में पिछड़ने के बावजूद वो 'वॉकओवर' देने के मूड में बिल्कुल नहीं है।
अब यह तो वक़्त ही बताएगा कि भाई वीरेंद्र का यह जोश सिर्फ बयानों तक सीमित रहता है या फिर सच में वे सदन के अंदर एनडीए के लिए मुश्किलें खड़ी कर पाते हैं। तब तक के लिए, बिहार की राजनीति पर अपनी नजरें जमाए रखिये!