Bihar Politics : नीतीश कुमार पर जनता को पूरा भरोसा? NDA में कब होगा सीटों का बँटवारा, संजय झा ने बता दिया बड़ा राज़
News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में आजकल गहमागहमी बहुत तेज़ है, ख़ासकर लोकसभा चुनावों से पहले सीटों के बँटवारे (Seat-Sharing) को लेकर। सभी की निगाहें एनडीए (NDA) गठबंधन पर टिकी हैं कि आख़िर कब वे अपने सीटों के बँटवारे को अंतिम रूप देंगे। इसी बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के दिग्गज नेता संजय झा ने इस मुद्दे पर न सिर्फ़ खुलकर बात की है, बल्कि बड़ा संकेत भी दिया है। उनका यह बयान बीजेपी और जेडीयू दोनों के भविष्य के लिए अहम माना जा रहा है।
कब तक हो जाएगा सीटों का बँटवारा? संजय झा ने क्या कहा!
बिहार एनडीए में सीटों के बँटवारे को लेकर चल रही अटकलों पर संजय झा ने बड़ा संकेत देते हुए कहा कि बहुत जल्द यह फ़ैसला हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर आपस में बातचीत चल रही है और सभी दल बैठकर इस पर जल्द ही सहमति बना लेंगे। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि एनडीए में सब कुछ सही चल रहा है और गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। इस बयान के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले कुछ हफ़्तों में शायद सीटों का आधिकारिक ऐलान हो सकता है।
'बिहार की जनता का भरोसा तो सिर्फ़ नीतीश कुमार पर है!'
सीट बँटवारे की बात करते हुए संजय झा ने बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अहमियत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने साफ़ कहा, "बिहार की जनता को सिर्फ़ और सिर्फ़ नीतीश कुमार पर ही भरोसा है।" झा के इस बयान से JDU ने एक बार फिर नीतीश कुमार को एनडीए का चेहरा और बिहार का सबसे विश्वसनीय नेता बताने की कोशिश की है। यह बीजेपी को भी एक संदेश हो सकता है कि गठबंधन में नीतीश कुमार की भूमिका को हल्के में न लिया जाए।
नीतीश कुमार का प्रशासनिक अनुभव और बिहार में 'सुशासन' की छवि अक्सर JDU की सबसे बड़ी ताकत रही है। संजय झा का यह बयान बताता है कि JDU चुनावों में नीतीश कुमार के काम और उनकी विश्वसनीयता को मुख्य मुद्दा बनाना चाहती है।
आगे क्या? गठबंधन का भविष्य और चुनौती!
एनडीए गठबंधन में सीटों का बँटवारा हमेशा से ही एक जटिल प्रक्रिया रही है, ख़ासकर जब जेडीयू और बीजेपी जैसे बड़े दल साथ हों। लोकसभा चुनाव अब दूर नहीं हैं, ऐसे में दोनों दलों को आपसी सहमति बनाकर एक मजबूत गठबंधन बनाना होगा ताकि विरोधी दलों का मुकाबला कर सकें। संजय झा का 'जल्द ही फ़ैसला' और 'नीतीश पर जनता का भरोसा' वाला बयान, बताता है कि जेडीयू अपनी शर्तों पर मज़बूत दिखना चाहती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह बँटवारा कब तक होता है और इसमें कौन सा दल कितनी सीटें जीतता है।
यह तो तय है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में और भी गरमाहट देखने को मिलेगी!