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March 20 2026 08:35 pm

Bihar Politics : समृद्धि यात्रा के बाद तय होगा अगला CM संजय झा ने नीतीश के मन की बात बताते हुए सम्राट चौधरी को दिया संकेत

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News India Live, Digital Desk: बिहार एनडीए (NDA) के भीतर अगले विधानसभा चुनाव (2025-26) में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं पर संजय झा ने विराम लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरी पार्टी और गठबंधन का ध्यान नीतीश कुमार की 'समृद्धि यात्रा' पर है, जो राज्य के विकास और भविष्य के रोडमैप को जनता के बीच ले जाने का एक जरिया है।

1. नीतीश कुमार का 'व्यवहार' और सम्राट चौधरी

पिछले कुछ समय से नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच बढ़ती नजदीकियों और सार्वजनिक मंचों पर उनके मजाकिया लहजे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।

संजय झा का डिकोड: संजय झा के अनुसार, नीतीश कुमार का सम्राट चौधरी के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार एक अनुभवी अभिभावक जैसा है। वे गठबंधन में समन्वय (Coordination) बना रहे हैं।

विपक्ष पर तंज: झा ने कहा कि विपक्ष नीतीश जी के हर कदम में 'खोट' ढूंढता है, जबकि वे केवल बिहार की समृद्धि के लिए सहयोगियों को साथ लेकर चल रहे हैं।

2. क्या है 'समृद्धि यात्रा'? (The Deciding Factor)

नीतीश कुमार जल्द ही पूरे बिहार में 'समृद्धि यात्रा' पर निकलने वाले हैं।

उद्देश्य: इस यात्रा के जरिए सरकार की उपलब्धियों को गिनाना और जनता की नब्ज टटोलना है।

सीएम पद का फैसला: संजय झा ने साफ शब्दों में कहा, "अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर आधिकारिक मुहर समृद्धि यात्रा के परिणामों और जनता के फीडबैक के बाद ही लगेगी।" इसका मतलब है कि चुनाव में एनडीए का चेहरा कौन होगा, यह इस यात्रा की सफलता पर निर्भर करेगा।

3. भाजपा बनाम जदयू: सीटों का गणित

बैठक में सीटों के बंटवारे (Seat Sharing) को लेकर भी संकेत मिले हैं:

बड़ा भाई कौन?: जदयू का मानना है कि नीतीश कुमार के चेहरे के बिना बिहार जीतना मुश्किल है, जबकि भाजपा का एक धड़ा अब अपना मुख्यमंत्री चाहता है।

समन्वय समिति: संजय झा ने संकेत दिया कि बहुत जल्द एक उच्च स्तरीय समन्वय समिति बनाई जाएगी जो टिकटों और नेतृत्व के मुद्दे को सुलझाएगी।

4. सम्राट चौधरी का स्टैंड

वहीं, सम्राट चौधरी ने भी हाल ही में कहा था कि "नीतीश कुमार हमारे नेता हैं," लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री देखने की इच्छा भी प्रबल है। संजय झा का बयान इसी दबाव को संतुलित करने की एक कोशिश माना जा रहा है।