Bihar Politics : भूमि माफिया अपना बोरिया बि बिस्तर बांध लें ,नए मंत्री विजय सिन्हा ने कुर्सी संभालते ही दे दी खुली चेतावनी
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति में पिछले कुछ घंटों में बड़ी हलचल मची हुई है। खासकर उन लोगों के लिए जिनके जमीन-जायदाद के काम सरकारी दफ्तरों में अटके पड़े हैं, यह खबर उम्मीद की एक नई किरण लेकर आई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) को अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Land & Revenue Department) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले यह विभाग डॉ. दिलीप जायसवाल (Dilip Jaiswal) के पास था, लेकिन बीजेपी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका लोड कम किया गया है और कमान अब विजय सिन्हा जैसे सख्त प्रशासक के हाथों में है। और भाईसाहब, आते ही उन्होंने जो 'तेवर' दिखाए हैं, उससे विभाग के बाबू और जमीन माफिया—दोनों के पसीने छूट रहे हैं।
आइये, बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं कि कुर्सी संभालते ही उन्होंने क्या बड़े एलान किए हैं और इसका आपके ऊपर क्या असर पड़ेगा।
1. "मोदी-नीतीश का सपना पूरा होगा" (The Mission)
पदभार ग्रहण करते ही सिन्हा ने साफ़ कर दिया कि यह सिर्फ़ एक विभाग नहीं, बल्कि एक 'मिशन' है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और सीएम नीतीश कुमार का सपना है कि बिहार में जमीन विवाद (Land Dispute) पूरी तरह ख़त्म हों।
हम सब जानते हैं कि बिहार में ज्यादातर अपराध—चाहे वो मार-पीट हो या हत्या—जमीन विवादों के कारण ही होते हैं। विजय सिन्हा ने वादा किया है कि वो इस विभाग को भ्रष्टाचार-मुक्त (Corruption-Free) बनाकर दम लेंगे।
2. माफियाओं को 'खुली चेतावनी' (Warning to Mafia)
सिन्हा ने बिना लाग-लपेट के कहा, "जमीन माफिया सावधान हो जाएं! गलत मंशा वालों के लिए अब इस विभाग में कोई जगह नहीं है।"
उनका इशारा साफ़ है—जो लोग फर्जी कागज बनवाकर सरकारी या गरीबों की जमीनों पर कब्ज़ा जमाए बैठे हैं, अब उनकी खैर नहीं। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया है कि जो भी गड़बड़ी करे, उस पर तुरंत 'ऐक्शन' लिया जाए।
3. जमीन सर्वे (Land Survey) पर क्या होगा?
बिहार में चल रहा विशेष भूमि सर्वेक्षण (Land Survey) लोगों के लिए बड़ा सिरदर्द बना हुआ था, जिसे कुछ समय के लिए रोका गया था। विजय सिन्हा ने चार्ज लेते ही संकेत दिए हैं कि इस काम में तेजी लाई जाएगी, लेकिन जनता को परेशान किए बिना।
उन्होंने कहा, "विभाग की बदनामी हुई है (सर्वे की कमियों के कारण), हम उसे धोएंगे और साख वापस लाएंगे।" यानी आने वाले दिनों में सर्वे का काम ज्यादा पारदर्शी और आसान तरीके से शुरू हो सकता है।
4. जनता दरबार और ऑनलाइन सुविधा
सिन्हा ने यह भी भरोसा दिलाया कि अब आम आदमी को अंचल (Block) ऑफिस के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। वे सिस्टम को ऑनलाइन और डिजिटल बनाने पर जोर देंगे ताकि 'रिश्वतखोरी' का खेल बंद हो सके।