Bihar Elections 2025 : JMM के लिए सीटों पर माथापच्ची, पटना में महागठबंधन की बड़ी बैठक
News India Live, Digital Desk: Bihar Elections 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) से पहले महागठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भी बिहार में कुछ सीटों पर अपनी दावेदारी पेश कर दी है. इसको लेकर महागठबंधन की पार्टियों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है. इसी सिलसिले में पटना में महागठबंधन के प्रमुख नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें जेएमएम के शीर्ष नेताओं ने भी हिस्सा लिया.
क्या है JMM की रणनीति?
जेएमएम बिहार के सीमावर्ती इलाकों (खासकर झारखंड से सटे क्षेत्रों) में कुछ सीटें चाहती है, जहाँ उसकी पारंपरिक रूप से थोड़ी बहुत पकड़ रही है. बताया जा रहा है कि पार्टी इस बार तीन से चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की इच्छुक है. उनका तर्क है कि ये सीटें ऐसी हैं जहाँ उनके वोटों से महागठबंधन को फायदा मिल सकता है, या जहाँ JMM के खुद के कार्यकर्ता मज़बूत हैं.
महागठबंधन का असमंजस:
अब, जहाँ एक तरफ RJD और कांग्रेस जैसे बड़े दल हैं, वहीं छोटे सहयोगी दल भी ज़्यादा से ज़्यादा सीटें हासिल करने की कोशिश में हैं. ऐसे में JMM की दावेदारी ने महागठबंधन के लिए एक मुश्किल पैदा कर दी है. उन्हें यह तय करना है कि क्या जेएमएम को उनकी मांगों के अनुसार सीटें दी जाएं, या फिर बड़े दलों के जनाधार को देखते हुए एक संतुलित फैसला लिया जाए.
बैठक में क्या हुआ?
पटना में हुई इस बैठक में बिहार कांग्रेस के प्रभारी और राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेताओं ने JMM के नेताओं के साथ सीटों के बंटवारे के फार्मूले पर चर्चा की. इसमें जेएमएम द्वारा दावा की गई सीटों के राजनीतिक समीकरण, संभावित उम्मीदवारों और गठबंधन की समग्र रणनीति पर बातचीत हुई. अभी तक किसी अंतिम समझौते पर पहुंचने की खबर नहीं है, लेकिन बैठकों का दौर जारी है, जिससे जल्द ही कोई हल निकलने की उम्मीद है.
चुनावों पर प्रभाव:
अगर JMM को उम्मीद के मुताबिक सीटें मिलती हैं, तो यह महागठबंधन की एकता और ज़मीन पर काम करने वाले कैडरों के मनोबल को बढ़ाएगा. लेकिन, अगर कोई बड़ा दल जेएमएम की दावेदारी को खारिज़ करता है, तो इससे गठबंधन के भीतर मनमुटाव पैदा होने का खतरा भी बना रहता है. ये सभी छोटी पार्टियां चुनावों में किंगमेकर की भूमिका भी निभा सकती हैं, इसलिए उनकी दावेदारी को अनदेखा करना किसी भी दल के लिए महंगा पड़ सकता है.
अब देखना होगा कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन सीटों के बंटवारे को लेकर JMM के साथ क्या फैसला करता है और क्या सभी घटक दलों को साथ लेकर आगे बढ़ पाता है.