बिहार ने रच दिया इतिहास दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग के दर्शन कर निहाल हुए नीतीश और सम्राट

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News India Live, Digital Desk : बिहार के बारे में अक्सर राजनीति की खबरें आती रहती हैं, लेकिन आज बिहार की पावन धरती से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर हर सनातनी और हर बिहारी का सीना गर्व से 56 इंच का हो जाएगा। पूर्वी चंपारण के केसरिया में कुछ ऐसा हुआ है, जो न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अजूबा है।

इतिहास बन गया आज का दिन

सोचिए, जिस 'विराट रामायण मंदिर' की चर्चा पिछले कई सालों से हो रही थी, आज उसका सपना सच होता दिख रहा है। मंदिर के गर्भगृह में दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग स्थापित कर दिया गया है। यह पल कितना भव्य रहा होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) और उनके दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा वहां मौजूद थे।

क्या खास है इस 'महादेव' के स्वरूप में?

यह कोई साधारण शिवलिंग नहीं है। इसका वजन करीब 200 टन है और ऊंचाई 33 फीट बताई जा रही है। इसे देखकर ऐसा लगता है जैसे साक्षात कैलाश पर्वत का एक हिस्सा बिहार आ गया हो। खास बात यह है कि यह 'सहस्त्रलिंगम' है, यानी इसमें एक साथ हजारों छोटे शिवलिंगों के दर्शन होंगे। यह काला ग्रेनाइट पत्थर तमिलनाडु के महाबलीपुरम से मंगाया गया है, जिसे तराशने में कारीगरों ने अपना पसीना बहा दिया।

नेताओं ने भी शीश झुकाया

आमतौर पर हम नेताओं को सियासी मंचों पर देखते हैं, लेकिन आज का नजारा अलग था। सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी व विजय सिन्हा जब क्रेन के जरिए इस विशालकाय शिवलिंग को स्थापित होते देख रहे थे, तो उनके चेहरों पर भी भक्ति और आश्चर्य का मिला-जुला भाव था। सीएम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की और आरती उतारी।

बिहार बनेगा टूरिज्म का हब?

'विराट रामायण मंदिर' बनकर तैयार होने के बाद दुनिया के सबसे बड़े मंदिरों में गिना जाएगा। यह सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं होगा, बल्कि इससे बिहार में टूरिज्म (Tourism) को भी जबरदस्त बूम मिलेगा। जो लोग अंकोरवाट देखने विदेश जाते थे, वो अब बिहार आएंगे।

तो दोस्तों, अगली बार जब आप चंपारण जाएं, तो 'विराट महादेव' के दर्शन करना मत भूलिएगा। वाकई, बिहार बदल रहा है और अपनी सांस्कृतिक विरासत को फिर से जी रहा है। बोलिए- हर हर महादेव!