पटना वाले सावधान घर में अकेली थीं रिटायर्ड टीचर, फिर जो हुआ उसे देख कांप जाएगी आपकी रूह

Post

News India Live, Digital Desk : आज पटना से एक ऐसी खबर आई है जो न केवल दिल दहलाने वाली है, बल्कि हमें अपने समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सोचने को मजबूर करती है। हम अक्सर सुनते हैं कि बिहार बदल रहा है, कानून का राज है, लेकिन जब राजधानी के बीचो-बीच ऐसी घटना हो जाए, तो आम आदमी का डरना लाजिमी है।

घटना पटना के एक रिहायशी इलाके की है, जहाँ हम और आप जैसे लोग रहते हैं। वहाँ एक रिटायर्ड महिला टीचर (शिक्षिका), जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी बच्चों को ज्ञान बांटने में लगा दी, उनका शव उनके ही घर में बेहद संदिग्ध हालात में मिला है।

खून से सना हुआ वो कमरा

जरा सोचिए, एक बुजुर्ग महिला अपने घर में सुकून से रह रही थी। शायद उन्हें अंदाज़ा भी नहीं होगा कि उनकी जिंदगी का आखिरी दिन इतना खौफनाक होगा। जब उनके घर का दरवाजा नहीं खुला या हलचल नहीं दिखी (जैसा कि अक्सर पड़ोसियों या रिश्तेदारों को शक होता है), तो वहां जाकर देखा गया। अंदर का मंजर रोंगटे खड़े करने वाला था।

पुलिस के मुताबिक, शिक्षिका का शव खून से लथपथ था। इसे देखकर साफ लग रहा था कि उनकी हत्या बड़ी बेरहमी से की गई है। कोई नार्मल मौत नहीं, बल्कि किसी ने उन्हें जानबूझकर मारा है।

लूट के लिए कत्ल या कुछ और?

अब सवाल यह उठता है कि एक बुजुर्ग महिला से किसकी क्या दुश्मनी हो सकती है? आमतौर पर ऐसे मामलों में देखा गया है कि अपराधी "सॉफ्ट टारगेट" यानी अकेले रहने वाले बुजुर्गों को निशाना बनाते हैं, ताकि घर में रखा कैश या जेवर लूट सकें। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है कि क्या अपराधी लूट के इरादे से आए थे, या फिर कोई जान-पहचान वाला ही धोखेबाज निकला।

बुजुर्गों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक क्राइम न्यूज नहीं है, यह एक 'वार्निंग बेल' है। पटना जैसे शहरों में अब बहुत से बुजुर्ग माता-पिता अकेले रह रहे हैं क्योंकि बच्चे बाहर सेटल हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा भगवान भरोसे है।

इस वारदात ने पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसार दिया है। लोग डरे हुए हैं कि अगर घर के अंदर भी जान सुरक्षित नहीं है, तो फिर कहाँ जाएं? पुलिस मौके पर पहुंच गई है और फॉरेंसिक टीम भी सबूत जुटा रही है। हम बस यही उम्मीद कर सकते हैं कि वो "कातिल दरिंदे" जल्द से जल्द सलाखों के पीछे हों, ताकि इस टीचर की आत्मा को शांति मिल सके और बाकी लोगों में विश्वास लौटे।

अगर आपके आस-पास भी कोई बुजुर्ग अकेले रहते हैं, तो प्लीज उनका ख्याल रखें और सतर्क रहें।