Bihar Budget Session : तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर बड़ा हमला बोले- राज्यपाल का भाषण मतलब पुराने वादों की जुगाली
News India Live, Digital Desk : बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नई जंग छेड़ दी है। सदन के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार के पास बिहार के विकास के लिए कोई नया विजन नहीं है और राज्यपाल से वही बातें कहलवाई गईं जो पिछले कई वर्षों से दोहराई जा रही हैं।
"भाषण में नया कुछ भी नहीं": तेजस्वी का तीखा प्रहार
तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण को निराशाजनक बताते हुए कहा कि इसमें बिहार की ज्वलंत समस्याओं—जैसे बेरोजगारी, पलायन और पेपर लीक पर कोई ठोस बात नहीं की गई।
पुराना राग: तेजस्वी ने कहा, "हमने राज्यपाल महोदय का पूरा भाषण सुना, लेकिन उसमें कुछ भी नया नहीं था। वही पुरानी बातें, वही पुराने वादे। ऐसा लगा जैसे हम साल 2020 या 2022 का भाषण दोबारा सुन रहे हों।"
नीतिगत शून्यता: विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ग्रीन सर्वे रिपोर्ट पर सवाल: "धरातल पर सब जीरो"
राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार द्वारा पेश की गई 'ग्रीन सर्वे रिपोर्ट' (हरित सर्वेक्षण रिपोर्ट) पर तेजस्वी ने कड़ा ऐतराज जताया।
आंकड़ों का खेल: तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकारी फाइलों में बिहार हरा-भरा दिख रहा है, लेकिन हकीकत में पर्यावरण संरक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति हुई है।
रिपोर्ट जीरो: उन्होंने दावा किया कि पर्यावरण और जल संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन सर्वे की रिपोर्ट धरातल पर 'शून्य' है। बिहार आज भी प्रदूषण और सूखे जैसी समस्याओं से जूझ रहा है।
भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
तेजस्वी ने सरकार को याद दिलाया कि बिहार के युवा आज भी रोजगार के लिए सड़कों पर हैं।
पेपर लीक का मुद्दा: उन्होंने हालिया परीक्षाओं में हुए पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि राज्यपाल के भाषण में इस पर कोई माफी या सुधार की बात नहीं थी।
विशेष राज्य का दर्जा: तेजस्वी ने सवाल उठाया कि जब डबल इंजन की सरकार है, तो बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की दिशा में राज्यपाल के भाषण में कोई रोडमैप क्यों नहीं था?
सत्तारूढ़ दल का पलटवार: "विपक्ष नकारात्मकता फैला रहा है"
वहीं, दूसरी ओर सत्ता पक्ष (JDU-BJP) ने तेजस्वी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सरकार के मंत्रियों का कहना है कि राज्यपाल का अभिभाषण बिहार की तरक्की का आईना है। कृषि रोडमैप से लेकर औद्योगिक निवेश तक, बिहार हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और विपक्ष केवल विरोध की राजनीति कर रहा है।