Bihar : बाहुबली अनंत सिंह को दुलारचंद हत्याकांड में मिली जमानत, जेल से बाहर आएंगे छोटे सरकार, विरोधियों में मची खलबली
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति के 'छोटे सरकार' कहे जाने वाले मोकामा के जेडीयू (JDU) विधायक अनंत सिंह के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। नवंबर 2025 से बेऊर जेल में बंद अनंत सिंह के लिए यह एक बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
वारदात: 30 अक्टूबर 2025 को बिहार चुनाव प्रचार के दौरान मोकामा के टाल इलाके में 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
आरोप: दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) के समर्थक थे। आरोप लगा कि जेडीयू और जन सुराज के समर्थकों के बीच हुई झड़प के दौरान अनंत सिंह की मौजूदगी में इस घटना को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी: चुनाव से ठीक पहले पटना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनंत सिंह को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। तब से वे जेल में ही थे और उनकी पिछली कई जमानत अर्जियां खारिज हो चुकी थीं।
हाई कोर्ट का फैसला और जेल से रिहाई
अनंत सिंह के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि प्राथमिकी (FIR) में उनका नाम राजनीतिक द्वेष के कारण घसीटा गया है और उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है।
शर्तों के साथ जमानत: कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए निर्देश दिया है कि वे मामले की जांच में सहयोग करेंगे और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे।
रिहाई की प्रक्रिया: कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद अगले 24 से 48 घंटों में अनंत सिंह बेऊर जेल से बाहर आ सकते हैं।
जेल में रहकर भी जीता था चुनाव
अनंत सिंह की लोकप्रियता का आलम यह है कि नवंबर 2025 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में वे जेल के अंदर रहकर भी चुनाव जीत गए। उन्होंने आरजेडी (RJD) की उम्मीदवार वीणा देवी को करीब 29,000 वोटों के भारी अंतर से हराया था। फरवरी 2026 में उन्होंने पुलिस कस्टडी में विधानसभा पहुँचकर विधायक पद की शपथ ली थी।
बिहार की राजनीति पर असर
अनंत सिंह की रिहाई से मोकामा और आसपास के क्षेत्रों के राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं:
जेडीयू को मजबूती: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले अनंत सिंह की रिहाई से जेडीयू का क्षेत्रीय दबदबा बढ़ेगा।
राज्यसभा चुनाव में भूमिका: हाल ही में (मार्च 2026) राज्यसभा चुनाव के दौरान भी उन्हें वोट डालने के लिए पैरोल मिली थी, जहाँ उन्होंने एनडीए (NDA) के पक्ष में मतदान किया था।