Bihar Agriculture Minister: मंत्री रामकृपाल यादव के समधी के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, तलवार और लाठियों से हमला 3 घायल
News India Live, Digital Desk: बिहार की राजधानी पटना से सटे मनेर इलाके में शुक्रवार की देर रात खूनी संघर्ष की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। बिहार सरकार के कृषि मंत्री डॉ. रामकृपाल यादव के समधी राजेंद्र सिंह के आवास को अपराधियों ने निशाना बनाते हुए जमकर तांडव मचाया। पुरानी रंजिश को लेकर हुए इस हमले में हमलावरों ने न केवल 15 राउंड से ज्यादा फायरिंग की, बल्कि तलवारों, लाठियों और पत्थरों से भी भीषण हमला किया। इस हिंसक वारदात में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
श्राद्ध कार्यक्रम के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार, मनेर के महुली गांव में मंत्री के समधी राजेंद्र सिंह के घर पर एक श्राद्ध कर्म का भोज चल रहा था। इसी दौरान उनके ही गोतिया (करीबी रिश्तेदारों) के साथ पुरानी रंजिश को लेकर विवाद भड़क गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि हमलावरों ने घर को चारों तरफ से घेर लिया और ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हथियारबंद लोग खुलेआम फायरिंग करते और पत्थरबाजी करते नजर आ रहे हैं।
तलवारबाजी और पथराव में 3 लोग गंभीर
इस हमले में मंत्री के समधी राजेंद्र सिंह के बेटे पप्पू सिंह, मनीष उर्फ गुड्डू और नीतीश उर्फ बबलू गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में से दो की हालत चिंताजनक बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए पटना एम्स (AIIMS) में भर्ती कराया गया है, जबकि एक अन्य घायल का इलाज दानापुर के निजी अस्पताल में चल रहा है। हमलावरों ने घर के भीतर घुसकर तोड़फोड़ की और जो भी सामने आया उस पर तलवार और लाठियों से वार किया।
पुलिस की छापेमारी और दहशत का माहौल
घटना की सूचना मिलते ही मनेर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए हैं। हमलावरों की पहचान मुकेश सिंह, दीपक और प्रिंस के रूप में की गई है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। हाई-प्रोफाइल मामला होने के कारण पुलिस मुख्यालय इस पर सीधी नजर रख रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
एक कैबिनेट मंत्री के रिश्तेदारों के घर पर इस तरह का दुस्साहसिक हमला बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते विवाद को सुलझा लेती, तो इतनी बड़ी वारदात नहीं होती। फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।