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April 05 2026 06:51 am

बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलना हुआ आसान,नीतीश सरकार ने खत्म की जमीन और NOC की टेंशन

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News India Live, Digital Desk: बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करने का सपना देखने वाले उद्यमियों और शिक्षाविदों के लिए नीतीश सरकार ने बड़ी राहत का पिटारा खोल दिया है। राज्य में 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नई ऊंचाई देने के इरादे से सरकार ने प्राइवेट स्कूल खोलने की शर्तों में भारी छूट देने का मन बना लिया है। इस फैसले का सीधा असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा, जिससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक विकल्प मिलेंगे और निजी क्षेत्र के लिए निवेश के रास्ते आसान होंगे।

उद्योग विभाग को मिली कमान, बदले जाएंगे नियम

बिहार सरकार इस नई योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह गंभीर है। यही कारण है कि इस बार शिक्षा विभाग के साथ-साथ उद्योग विभाग को भी बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। उद्योग विभाग को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा के विशेष निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त कर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जल्द ही प्राइवेट स्कूल संचालन की मौजूदा नियमावली में बड़े संशोधन किए जाएंगे, ताकि स्कूल प्रबंधकों को भूमि अधिग्रहण और संसाधनों को जुटाने में आने वाली कानूनी अड़चनों से मुक्ति मिल सके।

जमीन की अनिवार्यता में मिलेगी बड़ी छूट

वर्तमान में बिहार में सीबीएसई (CBSE) या आईसीएसई (ICSE) बोर्ड से स्कूल की मान्यता लेना किसी टेढ़ी खीर से कम नहीं है। अब तक के नियमों के अनुसार, सीबीएसई स्कूल के लिए कम से कम एक एकड़ और आईसीएसई के लिए 50 डिसमिल जमीन होना अनिवार्य है। सरकार अब इन कड़े मानकों में ढील देने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि नई नीति में जमीन की इस बाध्यता को कम किया जाएगा, जिससे कम जगह में भी गुणवत्तापूर्ण स्कूल खोले जा सकें।

NOC रिन्यूअल का झंझट होगा खत्म

प्राइवेट स्कूल संचालकों के लिए सबसे बड़ी सिरदर्द हर तीन साल में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) का रिन्यूअल कराना होता था। शिक्षा विभाग के चक्कर काटने की इस मजबूरी को समझते हुए सरकार अब रिन्यूअल की प्रक्रिया को या तो पूरी तरह सरल बनाएगी या फिर इसकी समय सीमा को काफी बढ़ा देगी। सरकार का विजन साफ है कि निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित कर राज्य में अधिक से अधिक स्कूल खोले जाएं, जिससे न केवल शिक्षा का स्तर ऊपर उठेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर भी पैदा होंगे।