अंटार्कटिका से आई डराने वाली खबर विलुप्त होने की कगार पर एम्परर पेंगुइन, IUCN की रेड लिस्ट में शामिल
News India Live, Digital Desk: ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन का सबसे दर्दनाक चेहरा अब अंटार्कटिका की बर्फ पर दिखने लगा है। दुनिया के सबसे ऊंचे और भारी पेंगुइन, 'एम्परर पेंगुइन' (Emperor Penguin) पर अब अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने अपनी ताजा 'रेड लिस्ट' अपडेट में इन खूबसूरत जीवों को आधिकारिक तौर पर 'संकटग्रस्त' (Endangered) श्रेणी में डालने की तैयारी कर ली है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि बर्फ पिघलने की रफ्तार यही रही, तो 21वीं सदी के अंत तक इनकी आबादी पूरी तरह खत्म हो सकती है।
पिघलती बर्फ बनी जान की दुश्मन
एम्परर पेंगुइन का पूरा जीवन चक्र समुद्र में जमी बर्फ (Sea Ice) पर निर्भर करता है। वे इसी बर्फ पर अपने अंडे देते हैं और बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण अंटार्कटिका की बर्फ समय से पहले ही टूट कर समुद्र में बह रही है। इसके कारण पेंगुइन के बच्चे, जिनके पंख अभी तैरने के काबिल नहीं होते, बर्फ टूटने से समुद्र में डूब रहे हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, अंटार्कटिका के कई इलाकों में पेंगुइन की पूरी की पूरी नई पीढ़ी (Breeding Failure) काल के गाल में समा गई है।
2026 तक और भी भयावह होंगे हालात
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2026 तक समुद्री बर्फ के स्तर में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की जा सकती है। एम्परर पेंगुइन के पास अब रहने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं बचे हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि ये जीव ठंडे इलाकों में रहने के आदी हैं, लेकिन बढ़ते तापमान ने उनके भोजन यानी 'क्रिल' (मछली की एक प्रजाति) की संख्या को भी कम कर दिया है। भोजन की कमी और आवास का छिन जाना, इन दोनों मोर्चों पर पेंगुइन अपनी आखिरी जंग लड़ रहे हैं।
दुनिया के लिए आखिरी चेतावनी
IUCN की रेड लिस्ट में शामिल होना इस बात का संकेत है कि अब सिर्फ बातें करने का समय निकल चुका है। अगर वैश्विक उत्सर्जन को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाली पीढ़ियां इन सम्राट पेंगुइन को केवल किताबों और तस्वीरों में ही देख पाएंगी। पर्यावरणविदों ने वैश्विक नेताओं से अंटार्कटिक समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की अपील की है। पेंगुइन का खत्म होना इस बात का संकेत है कि अंटार्कटिका का पारिस्थितिकी संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है।