राजस्थान में फिर हुआ बड़ा उलटफेर ,आधी रात को जारी हुई 48 IAS अफसरों की लिस्ट

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की 'भजनलाल शर्मा सरकार' ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वो काम में सुस्ती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगी। बीती रात (या हाल ही में) राज्य के प्रशासनिक खेमे में एक तरह का 'भूकंप' आया। सरकार ने एक झटके में 48 आईएएस अधिकारियों (IAS Officers) का तबादला कर दिया है।

यह लिस्ट इतनी बड़ी है कि जयपुर के सचिवालय (Secretariat) से लेकर दूर-दराज के जिलों तक हड़कंप मचा हुआ है। आम जनता के मन में सवाल है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर बदलाव क्यों किए गए और इसका उन पर क्या असर पड़ेगा? आइए, आसान भाषा में समझते हैं।

जिलों के 'बॉस' बदले गए (Collectors Transferred)
इस तबादला सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि कई जिलों के जिला कलेक्टर (District Collectors) बदल दिए गए हैं। कलेक्टर जिले का मुखिया होता है, जिसके हाथ में पूरे जिले की कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों की चाबी होती है।
सरकार को जहाँ भी लगा कि काम की रफ़्तार धीमी है या जनता की सुनवाई ठीक से नहीं हो रही है, वहां नए और तेज-तर्रार अफसरों को भेजा गया है। चूरू, हनुमानगढ़, बीकानेर जैसे कई जिलों में नए चेहरों को कमान सौंपी गई है। (अपने जिले का नाम लिस्ट में जरूर चेक करें)।

सचिवालय में भी बड़ा बदलाव
सिर्फ़ जिलों में ही नहीं, बल्कि जयपुर स्थित मुख्य विभागों में भी कुर्सियां बदली हैं। कई विभागों के सेक्रेटरी और कमिश्नर लेवल के अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इसका सीधा मतलब है कि सरकार अपनी योजनाओं को, जैसे पानी-बिजली और सड़क के प्रोजेक्ट्स को तेजी से ज़मीन पर उतारना चाहती है।

अफसरों को कड़ा संदेश
सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह रूटीन ट्रांसफर नहीं है, बल्कि एक 'परफॉरमेंस रिव्यू' है। जो अफसर सरकार की गुड बुक्स में हैं, उन्हें मलाईदार या महत्वपूर्ण पोस्टिंग मिली है। वहीं, जिनके काम से सरकार खुश नहीं थी, उन्हें साइडलाइन (शंट) कर दिया गया है। सीएम ने साफ संदेश दिया है— "परफॉर्म करो या कुर्सी छोड़ो।"

आम जनता के लिए क्या मायने हैं?
जब भी नए अफसर आते हैं, तो सिस्टम में एक नई ऊर्जा आती है।

  • रुके हुए सरकारी काम फिर से शुरू होते हैं।
  • जनता की शिकायतों पर सुनवाई तेज होती है।
  • नया कलेक्टर अपनी छाप छोड़ने के लिए ज्यादा एक्टिव रहता है।

अगर आपके जिले में भी नया कलेक्टर आया है, तो उम्मीद कीजिये कि आने वाले दिनों में आपको प्रशासन ज्यादा चुस्त-दुरुस्त नज़र आएगा। पूरी लिस्ट को ध्यान से देखें और जानें कि अब आपके इलाके का नया 'साहब' कौन है।