तिरुपति लड्डू विवाद में बड़ा मोड़ SIT रिपोर्ट के बाद सरकार का एक्शन, घी मिलावट कांड की जांच के लिए बनी नई कमेटी
News India Live, Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के 'लड्डू प्रसादम' में कथित तौर पर जानवरों की चर्बी मिलाए जाने के मामले में आंध्र प्रदेश सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। SIT (विशेष जांच दल) की शुरुआती रिपोर्ट और जांच के बाद, अब सरकार ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा समिति (Review Committee) का गठन किया है। यह कमेटी घी की खरीद, गुणवत्ता की कमी और मिलावट की जड़ तक जाकर दोषियों की पहचान करेगी।
क्यों पड़ी नई कमेटी की जरूरत?
हाल ही में SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसमें घी की सप्लाई करने वाली कंपनियों और टेंडर प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां पाई गई थीं। सरकार अब इस मामले को केवल पुलिस जांच तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि वह मंदिर की पवित्रता को बहाल करने के लिए एक ठोस सिस्टम बनाना चाहती है।
नई कमेटी के मुख्य काम:
SIT रिपोर्ट का विश्लेषण: एसआईटी द्वारा जुटाए गए सबूतों और बयानों की बारीकी से समीक्षा करना।
भविष्य के लिए गाइडलाइन: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) में भविष्य में शुद्ध गाय का घी सुनिश्चित करने के लिए नए नियम बनाना।
दोषियों पर शिकंजा: लैब रिपोर्ट में फेल हुए घी के नमूनों के आधार पर संबंधित सप्लायर्स और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
क्या था पूरा मामला? (Background)
पिछले साल तब हड़कंप मच गया था जब आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि पिछली सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू बनाने में इस्तेमाल होने वाले घी में 'फिश ऑयल' और 'बीफ फैट' (जानवरों की चर्बी) की मिलावट की गई थी। इसके बाद गुजरात की एक लैब रिपोर्ट ने भी इन आरोपों की पुष्टि की थी, जिससे देश भर के करोड़ों भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची थी।
सुप्रीम कोर्ट की भी है पैनी नजर
इस विवाद के सामने आने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि "भगवान को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।" अब राज्य सरकार की यह नई कमेटी और SIT मिलकर इस रिपोर्ट को कोर्ट के समक्ष भी मजबूती से पेश करेंगी।
भक्तों की आस्था की सुरक्षा सर्वोपरि
TTD के नए बोर्ड ने अब घी की खरीद के लिए 'नंदिनी' ब्रांड और अन्य भरोसेमंद डेयरियों के साथ करार किया है। नई कमेटी की सिफारिशों के बाद, मंदिर के रसोई घर (पोटू) के नियमों को और भी सख्त किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो।