रणवीर सिंह की 'धुरंधर' पर बड़ा संकट: शहीद के माता-पिता पहुंचे कोर्ट, कहा- 'बेटे की शहादत कोई धंधा नहीं'
फिल्मों का विवादों से पुराना नाता रहा है, लेकिन जब बात देश के शहीदों और उनकी शहादत की आती है, तो मामला बेहद संवेदनशील हो जाता है। रणवीर सिंह की मच-अवेटेड फिल्म 'धुरंधर' अपनी रिलीज (5 दिसंबर) के मुहाने पर खड़ी है, लेकिन अब यह एक कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है।
मामला अशोक चक्र विजेता शहीद मेजर मोहित शर्मा से जुड़ा है। उनके माता-पिता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए फिल्म की रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग कर दी है। उनका कहना है कि यह फिल्म उनके बेटे की ज़िंदगी पर आधारित है और मेकर्स ने इसके लिए उनसे एक बार भी नहीं पूछा।
परिवार का दर्द: "हमसे पूछे बिना कैसे बनाई फिल्म?"
मेजर मोहित शर्मा के परिवार का गुस्सा इस बात को लेकर है कि सोशल मीडिया और खबरों में हर जगह यह दावा किया जा रहा है कि 'धुरंधर' मेजर मोहित के सीक्रेट ऑपरेशन्स की कहानी है। परिवार ने अपनी याचिका में साफ़ कहा है कि "शहीद कोई बाज़ार में बिकने वाली चीज़ नहीं हैं।"
उनका तर्क सीधा है—किसी भी सैनिक की कहानी, उनके सीक्रेट मिशन और उनके बलिदान को पर्दे पर दिखाकर करोड़ों कमाना, वो भी बिना उनके परिवार और सेना की मंजूरी के, गलत है। यह शहीद के सम्मान और परिवार की निजता (Privacy) का उल्लंघन है।
सेना के सीक्रेट और सुरक्षा पर सवाल
सिर्फ परिवार के जज़्बात ही नहीं, बल्कि 'नेशनल सिक्योरिटी' यानी राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि फिल्म में सेना के बेहद संवेदनशील तौर-तरीके, घुसपैठ की तकनीक और सीक्रेट मिशन दिखाए गए हैं। आरोप है कि इसके लिए फिल्म मेकर्स ने 'एडिशनल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ पब्लिक इंफॉर्मेशन' (ADGPI) से ज़रूरी परमीशन भी नहीं ली है, जो कि गंभीर बात है।
परिवार चाहता है कि पहले उन्हें यह फिल्म प्राइवेट स्क्रीनिंग में दिखाई जाए। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके बेटे या सेना की छवि के साथ कोई खिलवाड़ तो नहीं किया गया।
क्या कहते हैं डायरेक्टर आदित्य धर?
हालांकि, इस पूरे बवाल पर 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' जैसी सुपरहिट फिल्म बनाने वाले डायरेक्टर आदित्य धर ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर यह साफ करने की कोशिश की है कि "फिल्म 'धुरंधर' मेजर मोहित शर्मा की लाइफ पर आधारित नहीं है।"
आदित्य ने यह भी कहा कि अगर वे कभी भविष्य में मोहित सर पर कोई फिल्म बनाएंगे, तो वो पूरे सम्मान के साथ और परिवार की रजामंदी लेकर ही बनाएंगे। लेकिन परिवार को डर है कि कहीं फिल्म में नाम बदल कर वही कहानी न परोस दी गई हो।
अब आगे क्या?
5 दिसंबर को फिल्म रिलीज़ होनी है, लेकिन कोर्ट में अर्जी लगने के बाद अब तलवार लटक गई है। परिवार की मांग साफ़ है—भविष्य में शहीदों पर बनने वाली किसी भी फिल्म के लिए परिवार और सेना की लिखित मंजूरी (NOC) को अनिवार्य किया जाए। अब देखना होगा कि कोर्ट शहीद के परिवार के आंसू देखता है या फिल्म मेकर्स की दलीलें।